
Ajmer: सांकेतिक तस्वीर (एआई जेनरेटेड)
अजमेर। आगे पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाली एक नाबालिग छात्रा ने शादी तय होने के बाद घर छोड़ दिया। परिवार से शादी को लेकर हुए विवाद के बाद वह फरवरी 2023 में घर से निकलकर पुणे चली गई। वहां उसने मोबाइल नंबर बंद कर दिए और एक परिचित की मदद से अस्पताल में काम करने लगी। करीब चार साल तक परिवार और पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार बदनोर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के बाद उसे महाराष्ट्र के पुणे से दस्तयाब कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 1 मार्च 2023 को बदनोर थाने में एक नाबालिग बालिका के बिना बताए घर से चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि वर्ष 2023 में बालिका कक्षा 12वीं में अध्ययनरत थी। वह आगे पढ़ना चाहती थी, जबकि परिवार उसकी शादी करना चाहता था। बालिका शादी के लिए तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर परिवार में विवाद हुआ, जिसके बाद उसने घर छोड़ने का फैसला किया।
घर से निकलने के बाद बालिका पुणे पहुंची। वहां उसने एक परिचित की मदद से अस्पताल में काम शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घर से निकलते समय उसने अपने मोबाइल नंबर भी बंद कर दिए थे। इससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। बावजूद इसके पुलिस ने जांच जारी रखी और तकनीकी माध्यमों से उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
पुलिस टीम ने बालिका के घर से निकलने से पहले उसके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल का विश्लेषण किया। इसके साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने पुराने संपर्कों, संभावित ठिकानों और तकनीकी सुरागों को आपस में जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।
अजमेर पुलिस के लगातार किए गए प्रयासों के दौरान बालिका के पुणे में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे पुणे से दस्तयाब कर लिया। पुलिस अब उसके घर छोड़ने की परिस्थितियों और पुणे में रहने के दौरान की पूरी जानकारी जुटा रही है।
Updated on:
6 Sep 2026, 1:10 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 1:10 PM IST
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