अजमेर

पहले वो समझाएंगे हस्बैंड और वाइफ को, नहीं माने तो होगा ये एक्शन

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Updated: 15 Aug 2018, 5:25 PM IST
judicial councelling
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अजमेर

पारिवारिक या दंपत्तियों के विवाद पुलिस में जाने पर तुरंत कार्रवाई नहीं होगी। इसके लिए मामले को परिवार कल्याण समिति को भेजा जाएगा। समिति दंपत्तियों के विवाद को सुलझाने का प्रयास कर राजीनामे केलिए प्रेरित करेंगी।

इसके बाद भी मामला नहीं सुलझता है तो पक्षकार कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होंगे। इसके लिए थाने अनुसार परिवार कल्याणसमितियों का गठन किया गया है। हाल में में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने समितियों में कुछ संशोधन करते हुए इनका पुनर्गठन किया है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश में गठित अजमेर जिले में छह परिवार कल्याण समितियों में एक अध्यक्ष व दो सदस्य होंगे। यह समितियां थानों के अनुसार कामकाज करेंगी।

परिवार कल्याण समिति संख्या एक

अध्यक्ष सुश्री दुर्गा माहिच, सदस्य शमीम बानो, लीना जसोरिया। क्षेत्राधिकार - वृत्त उत्तर, दक्षिण व दरगाह। पुलिस थाना कोतवाली, क्रिश्चियनगंज, सिविल लाइन, महिला, क्लाक टावर, रामगंज, दरगाह व गंज थाना।

परिवार कल्याण समिति संख्या दो
अध्यक्ष रेनू द्विवेदी, सदस्य अंजु सोलंकी, कार्यवाहक, सुनीता सोलंकी। क्षेत्राधिकार वृत्त ग्रामीण, पुष्कर, पीसांगन, मांगलियावास, गेगल। समितियों के क्षेत्राधिकार में किया संशोधन

परिवार कल्याण समिति नसीराबाद अध्यक्ष - प्रभा शर्मा,सदस्य राकेश कुमार, कोमल चौहान। नसीराबाद सिटी, श्रीनगर, विजयनगर,

परिवार कल्याण समिति ब्यावर - अध्यक्ष उमाशंकर शर्मा, सदस्य संतोष कुमारी, शकुंतला चौहान। वृत्त ब्यावर, सदर, सिटी व जवाजा, मसूदा, टॉडगढ़।

परिवार कल्याण समिति किशनगढ़ - अध्यक्ष मान सिंह राठौड़, सदस्य कोमल ज्योतिषी, सुरता चौधरी। वृत किशनगढ़, मदनगंज, बांदरसिंदरी, अंराई, रूपनगढ़, गांधी नगर, बोराड़ा।

परिवार कल्याण समिति केकड़ी - अध्यक्ष चंद्र प्रकाश विजयवर्गीय, सदस्य सुनील कुमार पाराशर व भारती। वृत्त केकड़ी, सावर, सरवाड़, भिनाय थाना क्षेत्र।

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शहर के नामचीन कॉलेज(स्कूल) में छात्र से यौनशोषण प्रकरण तूल पकड़ लिया है। शिक्षण संस्थान के आंतरिक जांच कमेटी के बयान दर्ज करने और उन्हें जलाने के बाद मंगलवार को पीडि़त परिवार अनुसंधान अधिकारी गजेन्द्रसिंह के समक्ष पेश हुआ। उन्होंने आरोपित छात्रों के निलम्बित करने की मांग की। ताकि प्रकरण में पुलिस अनुसंधान में कोई बाधा न आए। उन्होंने पुलिस अनुसंधान पर विश्वास जताया।

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