अजमेर. पोक्सो अदालत के न्यायाधीश ने सोमवार को सुनाए फैसले में नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त चिश्ती नगर, सुभाष नगर निवासी हर्षित खैर को 20 साल के कारावास व 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। प्रकरण के तथ्य आदर्श नगर थाने में परिवादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पीडि़त को बरामद […]
अजमेर. पोक्सो अदालत के न्यायाधीश ने सोमवार को सुनाए फैसले में नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त चिश्ती नगर, सुभाष नगर निवासी हर्षित खैर को 20 साल के कारावास व 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।
प्रकरण के तथ्य
आदर्श नगर थाने में परिवादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पीडि़त को बरामद कर उसके बयान लिए। मेडिकल मुआयना भी करवाया व सेंपल जब्त किए। सेम्पल परीक्षण विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जमा करवाए। वारदात में प्रयुक्त स्कूटी को जब्त किया गया। जांच में आरोपी पर नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर ले जाने व उससे दुष्कर्म करने का मामला प्रथम दृष्टया सामने आने पर चालान पेश किया गया।नरमी का रुख अपनाना न्यायोचित नहींविशिष्ट लोक अभियोजक विक्रम सिंह शेखावत ने बताया कि अदालत ने फैसले में टिप्पणी करते हुए लिखा कि आरोपी ने 16 साल से कम आयु की बालिका के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। जिसके लिए नरमी का रुख अपनाया जाना न्यायोचित नहीं है। अपराध की प्रकृति, तथ्य,परिस्थियों व वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अवयस्क बालिकाओं के साथ बढ़ते आपराधिक कृत्यों पर रोकथाम के लिए अधिनियम की मंशा एवं आरोपित अपराध की प्रकृति को दृष्टिगत अभियुक्त को दंडित करना आवश्यक है।