अजमेर

आखिर सुलझी टॉयलेट- एक प्रेम कथा, पढि़ए आप भी ये मजेदार खबर

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Jan 08, 2019
family case solve
family case solve

अजमेर.

अब तक फिल्मों में ही शौचालय को लेकर गृहक्लेश जैसे मामले देखे हैं लेकिन अजमेर की एक अदालत में दम्पती के एक विवाद में घर में शौचालय नहीं होने का मामला सामने आया। विवाद जब अदालत के समक्ष पहंंचा तो पता चला कि पत्नी केवल इस आधार पर ससुराल छोड़ कर पीहर आ गई कि घर में शौचालय नहीं है। मध्यस्थता के बाद दम्पती को समझाया।

पति ने अदालत के समक्ष शौचायल बनवाने का वादा किया व पत्नी को घर में सम्मानपूर्वक रखने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों को साथ घर भेजा गया। वैवाहिक जीवन टूटने से बच गया। इस मामले में मध्यस्थ वकील के रूप में राजेन्द्र ईनाणी रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव डॉ.शक्ति सिंह शेखावत ने बताया कि बीते वर्ष 2018 में अजमेर न्याय क्षेत्र में मध्यस्थता के कुल 132 व अजमेर न्याय क्षेत्र में 43 प्रकरण निपटाए गए। ब्यावर में 8, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर में 38 व किशनगढ़ में 5 कुल 51 पारिवारिक प्रकरण भी सफलतापूर्व निपटाए गए। वर्षपर्यंत सफलता का प्रतिशत सर्वाधिक दिसम्बर माह में 23. 80 रहा। जबकि सबसे कम जून माह में 3.80 प्रतिशत रहा।

कुछ सफल कहानियां

1- दत्तक पुत्र लेने के बाद घर में हुए विवाद को निपटाया। मध्यस्थ वकील शोभित पंत रहे।
2- शराबी पति से नाराज पत्नी ने घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया। समझाइश के बाद मनमुटाव निपटाए। मध्यस्थ वकील सुनील यादव।

3- कर्जदार प्रार्थी का किस्तों में कर्जा चुकाने की सहमति से मानसिक तनाव घटा। मध्यस्थ सुनील यादव।
4- पत्नी के नौकरी करने की इच्छा जाहिर करने पर विवाद सुलझाया। मध्यस्थ वकील शोभित पंत।

5- दहेज को लेकर मारपीट व तलाक की नौबत। मध्यस्था से विवाद निपटा। मध्स्थ वकील शोभित पंत।
6- दहेज के एक मामले में नौ साल से अलग रह रहे थे। मध्यस्थता से निपटाया। वकील राजेन्द्र ईनाणी।

7- छोटे-छोटे विवादो में पीहर जाकर बैठी पत्नी को मनाया। बच्चों के भविष्य को देखते हुए विवाद खत्म। मध्यस्थ वकील कमल सिंह राठौड़।

Published on:
08 Jan 2019 10:17 am