दायी नहर से 69100 हैक्टेयर व बायी नहर से 12700 हैक्टेयर भूमि होगी सिंचित, नहरों के जरिए कुल 8 टीमसी पानी का होगा वितरण
अजमेर. बीसलपुर बांध (bisalpur dam) के पानी से रबी की फसलें लहलहाएगी। इस साल बांध (dam) में भराव क्षमता से अधिक पानी (water) आने से बांध के गेट खोलने पड़े थे। सिंचाई विभाग (arrigation dipartment) बांध की दांयी व बांयी मुख्य नहर में 20 व 21 नवम्बर से पानी छोडऩा शुरू करेगा।
बांध के सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार बंसल के अनुसार इस बार बीसलपुर बांध (bisalpur dam) में पर्याप्त पानी को देखते हुए बांध की दायी एवं बायी नहर में बांध से अब तक 10 बार सिंचाई (errigation) के लिए पानी छोड़ा जा चुका है। बीसलपुर बांध की दांयी नहर से 69100 हैक्टेयर व बांयी नहर से 12700 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
नहरों के जरिए सिंचाई में बांध से लगभग 8 टीएमसी पानी छोड़ा जाएगा। बीसलपुर बांध (bisalpur dam) का जलस्तर 350.50 मीटर है। स्तर पर बांध में 38.7 टीएमसी पानी उपलब्ध रहता है। बांध से बांध की दोनों मुख्य नगरों में सिंचाई के लिए लगभग 8 टीएमसी पानी देना तय किया गया है।
नहरों में पानी छोडऩे की क्षमता
दायी मुख्य नहर की कुल पानी छोडऩे की क्षमता 735 क्यूसेक एवं बायी मुख्य नहर की 110 क्यूसेक क्षमता है। बीसलपुर बांध (bisalpur dam) की 51.64 किलोमीटर दायी मुख्य नहर से 218 गांवों की कुल 69 हजार 393 हैक्टेयर जमीन सिंचित होती है। इस नहर से राजमहल, संथली, बंथली, दूनी, सांखना, दाखिया, नगरफोर्ट,मुगलानी सहित वितरिकाएं व टोंक ब्रांच के भी कई गांव शामिल हैं। इन वितरिकाओ की कुल लंबाई 581 किलोमीटर है। बांध (dam) की बाई मुख्य नहर 18.65 किलोमीटर लंबी है। कुल जल वितरण तंत्र 93.62 किलोमीटर लंबा है। इससे टोडारायसिंह क्षेत्र के 38 गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। इस नहर से 12407 हैक्टेयर में सिंचाई होती है।
टोंक जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीसलपुर बांध (bisalpur dam) से जुड़े सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह सागर, अधिशासी अभियंता रवींद्र कटारा एवं सहायक अभियंता मनीष कुमार बंसल तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित सैकड़ों काश्तकार मौजूद रहे।