-खादिमों के एतराज के बाद दरगाह नाजिम को बदलना पड़ा निर्णय -सुप्रीम कोर्ट से लेनी पड़ेगी पेटियां खोलने की अनुमति
अजमेर. ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में रखी पीले रंग की दानपेटियां खोलने को लेकर बुधवार को दरगाह कमेटी और खादिमों के बीच विवाद हो गया। खादिमों ने बिना सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के दानपेटियां खोलने पर एतराज दर्ज करा दिया। इसके बाद अदालत की ओर से नियुक्त रिसीवर व दरगाह नाजिम को दानपेटियां खोलने की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ गई।
दरगाह में आने वाले चढ़ावे को लेकर दरगाह दीवान और खादिमों के बीच हुए विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दरगाह में पीले रंग की पेटियां रखवाई थीं। ढाई साल पहले नोटबंदी के कारण इन पेटियों को खोला गया था। इसे देखते हुए दरगाह नाजिम शकील अहमद ने बुधवार को दानपेटियां खोलने का निर्णय किया। इसके लिए पुलिस व एसबीआई बैंक के अधिकारियों को भी बुला लिया गया लेकिन मामले में पक्षकार खादिम पीर नफीस मियां चिश्ती ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि पूर्व में भी पेटियां खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ली गई थी। उस वक्त नोटबंदी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पेटियां खोलने की अनुमति दी थी। अब पेटियां खोलने के लिए फिर से सुप्रीम कोर्ट की अनुमति ली जानी चाहिए। इसे देखते हुए दरगाह नाजिम को निर्णय बदलना पड़ा।
इसलिए लगी थीं पीली दानपेटियां
दरगाह में आने वाले चढ़ावे को लेकर खादिमों और दरगाह दीवान के बीच हुए विवाद में हाईकोर्ट ने चढ़ावे का बंटवारा खादिमों, दीवान और दरगाह कमेटी के बीच करने के लिए दरगाह नाजिम को रिसीवर नियुक्त किया था। अदालत के आदेश की पालना में तत्कालीन नाजिम अशफाक हुसैन की निगरानी में 18 अगस्त 2014 को दरगाह में पीले रंग की ५ दान पेटियां रखवाई गई थीं। पीला रंग पेटियों पर इसलिए करवाया गया था क्योंकि हरे रंग की पेटियां दरगाह कमेटी की तरफ से पहले से रखी हुई हैं। चूङ्क्षक मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इन पेटियों को खोलने से पहले सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी लेनी जरूरी है।
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इनका कहना है
रिसीवर के नाते दानपेटियां खोलने का निर्णय किया था लेकिन एतराज के बाद पेटियां नहीं खोली जा सकी। सुप्रीम कोर्ट को मामले से अवगत करा दिया जाएगा।
-शकील अहमद, दरगाह नाजिम