
अजमेर/मदनगंज-किशनगढ़.
डबल डेकर मालभाड़ा ट्रेनों (मालगाडिय़ों) के लिए अलग से बिछने वाली रेल लाइन के तहत अब अप ट्रेक बिछाने की तैयारी शुरू हो गई। डाउन ट्रेक को गेगल आखरी सहित आगे तक बिछाया जा चुका है।
डेडिकेटेड फे्रट कॉरिडोर (डीएफसीसी) के तहत दिल्ली से मुम्बई के बीच मालगाडिय़ों के लिए अलग से रेलवे ट्रेक बिछाया जा रहा है। इसके तहत फुलेरा तक ट्रेक बिछाने का कार्य अगस्त में ही पूरा हो गया था। किशनगढ़ के निकट मंडावरिया तक ट्रेक को पहले ही बिछाया जा चुका है।
अब मंडावरिया से मदार तक ट्रेक बिछाया जा रहा है। इसके तहत डाउन ट्रेक गेगल आखरी तक बिछाया जा चुका है। अब अप ट्रेक बिछाने की तैयारी है। इसके लिए गिट्टी के ढेर लगाए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें बिछाकर ट्रेक बिछाया जाएगा। उक्त कार्य को तीव्र गति से निपटाने के लिए रात-दिन कार्य किया जा रहा है। ट्रेक के बिछने के बाद उस पर टेस्टिंग डीजन इंजन चलाया जाएगा।
गिट्टी बिछाने का कार्य हुआ तेज
ट्रेक को बिछाने के लिए गिट्टी के ढेर लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में मंडावरिया से किशनगढ़़ के पुराने रेलवे स्टेशन और उसके आगे अजमेर तक गिट्टी के ढेर लगाए जा चुके हैं। गिट्टी डालने के बाद उसे बिछाया जाएगा। इसके उपर अप ट्रेक बिछाया जाएगा।
डाउन ट्रेक बिछाने का कार्य जारी
डीएफसीसी का डाउन ट्रेक पहले ही बिछाया जा रहा है। मंडावरिया से गेगल आखरी के आगे तक डाउन ट्रेक बिछाया जा चुका है। अब उसे मदार तक बिछाया जाएगा। उक्त कार्य के पूरा होते ही अप ट्रेक को बिछाने का कार्य प्रारंभ होगा। वर्तमान में गिट्टी डाली जा रही है। इसके अलावा अजमेर में भी दौराई, सराधना और आसपास के इलाके में यह कार्य जारी है।
खम्भे लगाने का कार्य तेज
डीएफसीसी ट्रेक के दोनों और बिजली के पोल आदि लगाए जाने हैं। इसके तहत ट्रेक के दोनों और मशीन से गड्ढ़े खोदे जा रहे हैं। दूसरी टीम उसमें खम्भे लगाने का कार्य कर रही है। इसके कारण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।