अजमेर

राजस्थान में यहां ‘टोल फ्री’ करने की मांग पर धरना, राहत नहीं मिली तो 31 मार्च से आंदोलन की चेतावनी

अजमेर-कोटा स्टेट हाइवे पर खीरियां टोल नाके पर निजी वाहनों से हो रही टोल वसूली के विरोध में लोगों ने धरना देकर प्रदर्शन किया।

2 min read
Mar 27, 2025

अजमेर। सरवाड़ कस्बे में अजमेर-कोटा स्टेट हाइवे पर खीरियां टोल नाके पर निजी वाहनों से हो रही टोल वसूली के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरवाड़ के निजी वाहनों से टोल वसूली बंद करने की मांग की गई। मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक शत्रुघ्न गौतम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस बारे में अविलंब कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

भाजपा देहात पूर्व जिला महामंत्री राधेश्याम पोरवाल एवं हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष भागचंद की अगुवाई में बुधवार सुबह करीब 11 बजे पार्टी कार्यकर्ता व अन्य टोल नाके पर पहुंचे और निजी वाहनों से की जा रही टोल वसूली के विरोध में नारेबाजी करते हुए बीच सडक़ धरने पर बैठ गए। हालांकि इस दौरान उन्होंने आवागमन को सुचारू बनाए रखा। भाजपा नेता पोरवाल का कहना रहा कि विगत लंबे समय से सरवाड़ समेत आस-पास के गांवों के निजी वाहनों से टोल वसूली की जा रही है, जो अनुचित है।

निकटवर्ती कई गांवों में सरवाड़ के लोगों का व्यापारिक व सामाजिक कार्यों के लिए प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है। उन्हें यहां टोल देना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि राज्य के सभी टोल पर आस-पास के गांव-कस्बों के निजी वाहनों को टोल से रियायत जा रही है, लेकिन यहां विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण ऐसा नहीं हो रहा।

31 से होगी कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलने पर विभाग के सहायक अभियंता कमलकांत मीणा व टोल प्रतिनिधि सवाई सिंह मौके पर पहुंचे और थाना प्रभारी जगदीश चौधरी की मौजूदगी में धरने पर बैठे लोगों से वार्ता की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि विधायक गौतम के निर्देश के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

काफी देर तक चली वार्ता के बाद सहायक अभियंता मीणा व टोल प्रतिनिधि ने सोमवार 31 मार्च तक एक निश्चित प्रक्रिया पूरी कर सरवाड़ के निजी वाहनों को टोल से राहत देने का भरोसा दिलाया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सोमवार तक कार्रवाई नहीं होने पर फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वार्ता में नौरतमल माली, कन्हैयालाल माली, कमलेश कोमल, रामस्वरूप वैष्णव, गोपाल लौहार आदि ने हिस्सा लिया।

Published on:
27 Mar 2025 04:59 pm
Also Read
View All

अगली खबर