
अजमेर। प्रसव के कुछ घंटे बाद विवाहिता की तबीयत बिगड़ने और उपचार के दौरान उसकी मौत के मामले में मंगलवार को जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर सात घंटे तक दोनों पक्षों के बीच विवाद चलता रहा। शव के पोस्टमार्टम और कार्रवाई को लेकर देर शाम तक असमंजस की स्थिति बनी रही। मृतका के पते और थाना क्षेत्राधिकार को लेकर भी देर शाम तक पुलिस उलझन में रही। आखिर ब्यावर सिटी थाना पुलिस को सूचना दी गई है। मृतका का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
ब्यावर निवासी सुनील के अनुसार उसने 9 अगस्त को पत्नी प्रीति (23) को राजकीय अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर उसे देर रात अजमेर जनाना अस्पताल रैफर कर दिया। जहां पर 10 अगस्त शाम को ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। प्रीति ने बेटे को जन्म दिया। इसके कुछ घंटे बाद उसे दो बार अटैक आया। इसके बाद डॉक्टरों ने रात करीब डेढ़ बजे अजमेर के जेएलएन अस्पताल रैफर कर दिया। जहां पर वेंटिलेटर पर रखा गया। मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उपचार के दौरान प्रीति की मौत हो गई।
वहीं, प्रीति के पिता बजरंगलाल का आरोप है कि बेटी के प्रसव, तबीयत बिगड़ने व वेंटिलेटर पर लेने की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। बेटी की मौत के बाद उन्हें सूचना दी गई। मृतका के पिता ने सुनील और उसके परिजन पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मोर्चरी रजिस्टर में पीहर पक्ष ने सांगानेर, जयपुर का पता दर्ज कराया, जबकि सुनील ने अपना पैतृक गांव लापोलाई, नागौर बताया। पुलिस के अनुसार सुनील बचपन से पीसांगन में रहा और वर्तमान में ब्यावर में रहता है। पादूकलां थाने से हैडकांस्टबल लक्ष्मण पहुंचे, लेकिन मामला उनके क्षेत्राधिकार का नहीं होने पर समझाइश कर वापस लौट गए। अब ब्यावर सिटी थाना पुलिस को सूचना दी गई है।
महिला की मौत के बाद दिन में दोनों पक्ष दो-तीन बार आमने-सामने हुए। दोनों पक्षों के बीच करीब 7 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा है। ऐसे में मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। वीडियो बनाने को लेकर शाम को फिर से कहासुनी के बाद गुत्थमगुत्था की नौबत आ गई। कोतवाली थाना पुलिस के एएसआई अनिल वर्मा ने समझाइश कर मामला शांत कराया।