Ajmer Dargah Urs: उर्स से पूर्व दरगाह थाना क्षेत्र में सर्वे कर होटल, गेस्ट हाउस और आवासीय मकानों में रहने वाले लोगों का डेटा तैयार कर लिया जाएगा। ताकि प्रत्येक व्यक्ति व संदिग्धों पर निगरानी रखी जा सके।
Ajmer Dargah Urs: सुरक्षा के साथ-साथ बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को चिन्हित करने के इरादे से जिला पुलिस और सीआईडी क्राइम ब्रांच की ओर से दरगाह थाना क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे करवाया जा रहा है ताकि पुलिस के पास दरगाह क्षेत्र में रहने वाले लोगों के साथ में प्रत्येक घर, गेस्ट हाउस और होटल का डेटा तैयार रहे। सर्वे के दौरान पुलिस बीट कांस्टेबल होटल, गेस्ट हाउस, मकान मालिक को किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना पहचान-पत्र के ठहराने पर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी व पाबंद की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के आदेश पर दरगाह थाना पुलिस की ओर से थाना क्षेत्र में मकान के साथ होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस में रहने वाले स्थानीय और बाहरी लोगों का सर्वे का कार्य किया जा रहा है। अब तक दरगाह थाना पुलिस की गठित आठ टीम डोर-टू-डोर जाकर एक हजार से ज्यादा मकान का सर्वे कर चुकी है। सर्वे में मकान मालिक, किराएदार, मकान में रहने वाले अन्य लोगों व उर्स व उसके बाद भी अस्थाई गेस्ट हाउस के संचालन संबंध में पड़ताल की जा रही है। सर्वे का मुख्य उद्देश्य दरगाह व अन्दर कोर्ट इलाके में रहने वाले बाहरी लोगों को चिन्हित करना है। इसके अलावा दरगाह अन्दर कोट, अम्बाबाव और मीठा नीम रोड, नई सड़क क्षेत्र में रहने वाले बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है।
पड़ताल में सामने आया कि उर्स के दौरान होटल, गेस्ट हाउस के फुल होते ही दरगाह व अन्दर कोट इलाके में आवासीय मकान गेस्ट हाउस में तब्दील हो जाते है। ऐसे में पुलिस मकान मालिक से उर्स के दौरान मेहमान ठहराने, अस्थाई गेस्ट हाउस संचालन के संबंध में भी पड़ताल कर रही है। ताकि उर्स के दौरान ठहराए जाने वाले ठिकानों की पहले जानकारी रह सके। पुलिस ने मकान मालिकों को उर्स के दौरान व अन्य दिनों में कमरा किराए पर देने के लिए बिना पहचान दस्तावेज नहीं ठहराने के लिए पाबंद किया है। बिना दस्तावेज ठहराने पर पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी जा रही है। मेहमान ठहराने के लिए बकाया रजिस्टर भी संधारित करना होगा।
पड़ताल में सामने आया कि उर्स के दौरान गेस्ट हाउस में बिना आईडी ठहरने वाले मेहमान से दो से तीन गुना ज्यादा किराया वसूला जाता है। ऐसे में दरगाह थाना पुलिस ने प्रत्येक गेस्ट हाउस और होटल संचालक को भी बिना पहचान मेहमान को ठहराने पर सख्ती से कार्रवाई की चेतावनी दी गई। गौरतलब है कि दरगाह थाना क्षेत्र में करीब 5 से साढ़े 5 हजार मकान, होटल व गेस्ट हाउस का संचालन है। जिसका पुलिस की ओर से सर्वे किया जाना है। गौरतलब है कि इन होटल, गेस्ट हाउस में बड़ी संख्या में बाहरी लोग कामकाज करते है। जिनका भी पुलिस की ओर से सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है।
अन्दर कोट ढाई दिन का झोपड़े के पास स्थित एक इमारत में सम्पति को लेकर रिश्तेदारों में विवाद हो गया। एक पक्ष ने मामले में शिकायत पर दरगाह थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने इमारत में आकर ठहरे लोगों की पहचान, पड़ताल व तस्दीक की कार्रवाई की । प्रत्यक्षदर्शियों ने कमरे में मिले एक संदूक में धारदार हथियार की जानकारी दी लेकिन पुलिस ने हथियार होने से इनकार कर दिया।
उर्स से पूर्व दरगाह थाना क्षेत्र में सर्वे कर होटल, गेस्ट हाउस और आवासीय मकानों में रहने वाले लोगों का डेटा तैयार कर लिया जाएगा। ताकि प्रत्येक व्यक्ति व संदिग्धों पर निगरानी रखी जा सके। क्षेत्रवासियों को भी दरगाह क्षेत्र में ठहरने वालों के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी के लिए आईडी (पहचान का दस्तावेज) लेना अनिवार्य है।
नरेन्द्र सिंह जाखड़, थानाप्रभारी दरगाह