अजमेर

Drug smuggling : ट्रेन से मादक पदार्थों की हो रही तस्करी, अजमेर तक आसानी से पहुंच रहा नशा

Drug smuggling: न केवल अजमेर बल्कि प्रदेश में मादक पदार्थ की खेप चारों दिशाओं से आ रही है। जहां उत्तर दिशा में हिमाचल, पंजाब से स्मैक, चरस अजमेर तक पहुंच रही है।

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Dec 01, 2024

मनीष कुमार सिंह
अजमेर।धार्मिक नगरी अजमेर मादक पदार्थ तस्करी का ट्रांजिट पाइंट बना हुआ है। अजमेर आने वाली कई ट्रेनें नशे की तस्करी का माध्यम बन चुकी हैं। कोविड-19 में ट्रेन की संख्या में कमी के साथ मादक पदार्थ की तस्करी में भी गिरावट आई, लेकिन बीते 2 साल में फिर से तस्करों ने रेल को माध्यम बना लिया है। रेलवे पुलिस, अजमेर रेंज ने भी तस्करों पर निगरानी बढ़ाने के साथ उनके मादक पदार्थ की तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है।

ये हैं प्रमुख ट्रेन

मादक पदार्थ की तस्करी के लिए आमतौर पर तस्कर हावड़ा-जोधपुर, सियालदाह-अजमेर, चेतक एक्सप्रेस में नशे की खेप लेकर निकलते हैं। यों तो जीआरपी ट्रेनों पर विशेष निगरानी रखती है, लेकिन अक्सर तस्कर अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले बीच रास्ते में माल उतरा देते हैं या ठिकाने लगा देते हैं। पं. बंगाल मालदा का कलिया चक मादक पदार्थ की तस्करी का ट्रांजिट पॉइंट है। यहां ड्रग कोरियर के साथ मादक पदार्थ की खेप देश के किसी भी कोने में आसानी से भेजी जा सकती है।

रेल मार्ग सबसे सुरक्षित व सस्ता

जानकारी के मुताबिक नशे की खेप की तस्करी के लिए ट्रेन को सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। सड़क मार्ग से विभिन्न राज्यों की सरहद पर तलाशी व पुलिस की निगाह रहती है। ऐसे में तस्कर ट्रेन के सहारे मादक पदार्थ को सीमापार पहुंचाते हैं। तस्कर बैग रखने के बाद कुछ दूरी पर यात्रियों की भीड़ में जाकर बैठ जाता है।

अजमेर से पुष्कर तक फैला नेटवर्क

अजमेर शहर में मादक पदार्थ की खेप रामगंज सांसी बस्ती, शीशा खान पीर रोड होते हुए जहां अंदर कोट क्षेत्र में उतरती है। यहां से तस्करों का नेटवर्क दरगाह अंदर कोट, जालियान कब्रिस्तान, अम्बाबाव, नई सड़क, लौंगिया तक फैला है। सांसी बस्ती व दरगाह अंदर कोट का नेटवर्क तीर्थ नगरी पुष्कर के दड़ों तक फैला हुआ है।

चारों दिशाओं से आ रही नशे की खेप

न केवल अजमेर बल्कि प्रदेश में मादक पदार्थ की खेप चारों दिशाओं से आ रही है। जहां उत्तर दिशा में हिमाचल, पंजाब से स्मैक, चरस अजमेर तक पहुंच रही है। पश्चिम में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा से गांजा, डोडा पोस्त पहुंच रहा। दक्षिण में मुंबई से सबसे घातक नशा ‘एमडी’ भी अब ट्रेन में दाखिल हो चुका है। राजकीय रेलवे पुलिस ने 2022 में पहली मर्तबा एमडी ड्रग पकड़ी थी। रही सही कसर प्रदेश के पश्चिम में पाक बॉर्डर पूरी कर रहा है। जहां स्मैक और चरस सीमापार से आ रही है।

सक्रिय तस्करों पर अंकुश लगने के आदेश

यात्रियों की भीड़ में तस्कर ट्रेनों में मादक पदार्थ की तस्करी करते हैं। कार्रवाई के आंकड़ों की समीक्षा में कोविड के बाद मादक पदार्थ की तस्करी में गिरावट आई है। जीआरपी के समस्त थानाधिकारियों व उनकी टीम को मुस्तैदी के साथ मादक पदार्थ की तस्करी में सक्रिय तस्करों पर अंकुश लगने के आदेश दिए हैं।
नरेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अजमेर

Published on:
01 Dec 2024 01:06 pm
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