अजमेर

Education: हाईटेक लेब तैयार, Students को मिलेगा फायदा

इसके लिए ई-कंटेंट-वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। विद्यार्थी इस कंप्यूटर लेब में विज्ञान से संबंधित प्रयोग और सामग्री से अध्ययन कर सकेंगे।

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Oct 01, 2019
science lab

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (spc gca) में विज्ञान की हाइटेक लेब (hi-tech lab) तैयार हो गई है। इसमें विज्ञान (science) के विभिन्न विषयों पर प्रयोग और प्रमुख शोध कार्यों का कंप्यूटर पर अध्ययन किया जा सकेगा।

विज्ञान विषय में विद्यार्थियों की बढ़ती अभिरुचि (students interest) और अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में डिजिटल (digital lab) कंप्यूटर लेब तैयार करने की योजना बनाई है। कॉलेज के मैनेजमेंट-कॉमर्स ब्लॉक के द्वितीय तल पर डिजिटल लेब बनाई गई है।

लगाए गए हैं कंप्यूटर-उपकरण
कॉलेज शिक्षा निदेशालय की योजनान्तर्गत डिजिटल (विज्ञान) कंप्यूटर लेब (computet lab) में विद्यार्थियों के लिए कई कंप्यूटर सेट (computer set) और उपकरण (equipments) लगाए गए हैं। विद्यार्थी फिजिक्स (physics), केमिस्ट्री (chemistry), जूलॉजी-बॉटनी (zoology and botony) से संबंधित प्रयोग और शोध (research) के बारे में कंप्यूटर पर अध्ययन (reading) कर सकेंगे। इसके लिए ई-कंटेंट-वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। विद्यार्थी इस कंप्यूटर लेब में विज्ञान से संबंधित प्रयोग (practical) और सामग्री से अध्ययन कर सकेंगे।

सीखेंगे प्रायोगिक कार्य
मौजूदा पारंपरिक प्रयोगशालाओं (labs) में कई उपकरण नहीं होने से विद्यार्थी प्रायोगिक कार्य (practical work) ढंग से नहीं कर पाते हैं। डिजिटल कंप्यूटर लेब बनने के बाद उन्हें प्रायोगिक कार्यों की विधि समझने, ई-कंटेंट (E-Content) की सहायता से प्रयोग करने, फाइल और डाटा तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा शोध कार्य और नवाचार (innovation) को भी समझने का अवसर मिलेगा।

भूगोल की हाइटेक लेब
1836 में स्थापित एसपीसी-जीसीए में भूगोल विभाग (geography dept) ने हाइटेक लेब बनाई गई है। राज्यसभा सांसद डॉ. भूपेंद्र यादव ने भूगोल विभाग में हाइटेक लेब (hi-tech lab) बनाने के लिए 25 लाख रुपए दिए हैं। लेब में नि:शुल्क इन्टरनेट (internet) सुविधा मुहैया कराई गई है। विद्यार्थियों के लिए एक पुस्तकालय भी तैयार किया गया है। यहां जीआईएस (GIS), कम्प्यूटर (computer), इंटरनेट (internet) जैसी सुविधाएं जुटाई गई हैं। अजमेर जिले और प्रदेश की नदियों, बांध, तालाब और जलाशयों, भौगोलिक स्थिति, अरावली पर्वत श्रंखला, वन सम्पदा पर विस्तृत शोध हो सकेगा।

Published on:
01 Oct 2019 09:06 am
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