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Innovation: इंजीनियरिंग कॉलेज पढ़ाएगा एमएससी लेवल पर मैथ्स

गणित की महती आवश्यकता और विद्यार्थियों के रुझान को देखते हुए कॉलेज ने एमएससी गणित विषय शुरू करने का फैसला किया है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 28 Sep 2019, 9:07 AM IST

maths in engineering college

maths in engineering college

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज (boys engineering college) में एमएससी गणित (M.sc. maths) विषय प्रारंभ होगा। कॉलेज महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) से विषय प्रारंभ करने के लिए प्रस्ताव भेजेगा। मौजूदा या अगले सत्र से विषय शुरू हो जाएगा।

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कॉलेज में कंप्यूटर आईटी, मेकेनिल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रूमेंट एन्ड कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, सिविल ब्रांच संचालित हैं। साथ ही एमसीए (MCA), एमबीए (MBA) सहित ह्मूमेनिटी एंड सोशल साइंस (humanity and social science) विषय भी चल रहे हैं। विद्यार्थियों को तकनीकी ब्रांच के अलावा विज्ञान (science) और सामाजिक विज्ञान (social science) के विषय भी पढऩे होते हैं। इंजीनियरिंग में गणित की महती आवश्यकता और विद्यार्थियों के रुझान को देखते हुए कॉलेज ने एमएससी गणित विषय शुरू करने का फैसला किया है।

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दो साल से फाइलों में प्रस्ताव
एमएससी गणित विषय (M.sc. maths) शुरू करने का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BOG) की 2017 में हुई बैठक में फैसला हुआ था। कॉलेज प्रशासन ने विषय पर गंभीरता नहीं दिखाई। हाल में हुई बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में यह प्रस्ताव फिर रखा गया। तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग (Dr. subhash garg ) ने विद्यार्थियों के लिए यह विषय शुरू करने को कहा।

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विश्वविद्यालय से लेंगे मंजूरी
प्राचार्य डॉ. यू. एस. मोदानी (U.S. Modani)ने बताया कि कॉलेज में एमएससी गणित विषय शुरू किया जाएगा। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को प्रस्ताव (proposal) भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलते ही मौजूदा या अगले सत्र से गणित विषय में प्रवेश दिए जाएंगे।

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ना एक्रिडेशन ना प्रोफेसर
राज्य में पिछले बीस साल में खुले इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक्रिडेशन (accreditation)हैं ना इनमें प्रोफेसर (professor) हैं। जबकि उच्च और तकनीकी विश्वविद्यालयों (technical institutes) के लिए नैक और नैब (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन) से ग्रेडिंग जरूरी है। प्रोफेसर नहीं होने से अधिकांश कॉलेज में रीडर और लेक्चरर ही विद्यार्थियों को इंजीनियर बना रहे हैं।