बाड़ी माता धाम पर रावण के पुतले का दहन, पुतले ने मुंह से उगले अंगारे, टिमटिमाई आंखें
बिजयनगर (अजमेर). एक ओर जहां देश भर में असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पर्व दशहरा दशमी को मनाया जाता है वहीं बिजयनगर के प्रमुख तीर्थ स्थल बाड़ी माता धाम में अष्टमी पर रविवार को ही दशहरा मना कर रावण दहन कर लिया गया। अष्टमी पर रावण दहन की परंपरा यहां बरसों पुरानी है। क्षेत्र में गुलाबपुरा स्थित आगूंचा माइन्स में वृहद स्तर पर रावण दहन समारोह आयोजित किया जाता है। इस विशेष दशहरा समारोह में आस-पास के 70 से अधिक गांव-कस्बों के लोग शामिल होते हैं। समारोह में भाग लेने के लिए बिजनयगर से भी बड़ी तादाद में लोग जाते हैं। इसलिए यहां अष्टमी पर दशहरा मना लिया जाता है।
इसी क्रम में रविवार को क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थल बाड़ी माता धाम पर रविवार को रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। इस दौरान पुतले के मुंह से आग के अंगारे निकले। आंखें टिमटिमाई और अट्टाहस आकर्षण का केन्द्र रहा। बाड़ी माताजी मन्दिर मेला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित मेले के दौरान शोभायात्रा में महाकाली, महालक्ष्मी व महा सरस्वती माता रथ में सवार रही। मेला स्थल पर पहुंचने पर आरती की गई। अग्निबाण से रावण के पुतले की नाभि पर प्रहार किया। कुछ ही देर में पूरा पुतला आग की आगोश में आ गया। रंगीनी आतिशाबाजी ने लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों ने आसमान में सुन्दर आतिशबाजी प्रस्तुत की।
मेले में बिजयनगर, बाड़ी, आसन, बरल द्वितीय, सथाना, जालिया द्वितीय इन्द्रगढ़ गुलाबपुरा, खारी का लाम्बा, लोडियाणा, राताकोट, दौलतपुरा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।