
विश्व डायबिटीज दिवस पर मंगलवार को अजयमेरू डायबिटीज सोसायटी की ओर से वैशाली नगर स्थित एक होटल में जागरुकता संगोष्ठी आयोजित कर आहार में बदलाव व दिनचर्या को अनुशासित रखने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम संयोजक डाॅ. रजनीश सक्सेना ने कहा कि फाइबर युक्त आहार की कमी व वायु प्रदूषण बढ़ने से मधुमेह के केस बढे हैं। उन्होंने दिल्ली में वायु प्रदूषण पर डाॅ. वी. मोहन के अध्ययन का संदर्भ देकर वायु प्रदूषण से बचने व डायबिटीज रोगी को नेफ्रोपेथी होने पर हल्के व्यायाम करने की सलाह दी।कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र आर्य ने मधुमेह की दवाओं की कीमतें कम होने व औषधियों पर अधिक अनुसंधान की जरूरत बताई।अनुशासित रहें रोगी
डाॅ. बी. एस. गुप्ता बताया कि डायबिटीज रोगी को अनुशासन फॉलो करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में आने वाले 30 साल से अधिक के सभी व्यक्तियों की शुगर जांच की तो 600 नए रोगी सामने आए।डाॅ. कुणाल कोहली ने कहा कि जितने लोगों को डायबिटीज के रिस्क फैक्टर मालूम होंगे वे उतने ही जागरूक रहेगें। डाॅ. गौरव मेड़तवाल, डाॅ. प्रवीण परिहार, डाॅ. राकेश दुबे व डाॅ. मुकेश माथुर ने भी सम्बोधित किया। योगेन्द्र टाक ने नियमित जांच का महत्व बताया। डाॅ. आर. के. माथुर, डाॅ. महिमा श्रीवास्तव, डाॅ. निर्झर माथुर, डाॅ. रैना गुप्ता, राजेन्द्र गांधी व आभा गांधी मौजूद रहे। सोसायटी के महासचिव सी. पी. कटारिया ने 19 नवम्बर को धोलाभाटा स्थित सक्सेना डायबिटीज केयर सेन्टर पर सुबह 9 से 12 बजे तक होने वाले नि:शुल्क शिविर में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, एबीआइ जांच, बायोथिसियो मीटर जांच, किडनी की जांच व पैरों के सेवन पैरामीटर्स की जांच की जानकारी दी। इससे पूर्व संभागियों ने नीले रंग के गुब्बारे उड़ाकर जाग्रति का संदेश दिया।
आंकड़ों की जुबानी10 करोड़ : डायबिटीज रोगी
3 करोड़ : प्री- डायबिटीज
50 प्रतिशत लोगों में जागरुकता नहीं