Encroachment : चेतावनी बोर्ड लगाकर भूला एडीए, लोगों ने खोखली कर दी पहाड़ी
हिमांशु धवल /अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण(ada) धोलाभाटा की पहाड़ी पर चेतावनी बोर्ड लगाकर भूल गया है। स्थिति यह है कि बोर्ड के पास ही अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे है। एडीए की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। पहाड़ी पर अवैध खनन (illegal minining )भी शुरू हो गया है। इसके बावजूद एडीए के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
धोलाभाटा बाबा रामदेव मंदिर(Baba Ramdev Temple) के निकट अरावली पर्वत माला (Aravalli mountain range)की पहाड़ी है। उक्त रोड पर सुबह और शाम सैकड़ों की संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक (morning walk)के लिए आते हैं। बच्चे और बड़े पहाड़ी पर ट्रेकिंग भी करते हैं। उक्त पहाड़ी पर पिछले कुछ समय से अवैध निर्माण जोरों पर है। वहां पर 30 के करीब छोटे-बड़े कब्जे हो चुके हैं। इसमें कुछ लोगों ने रहना तक शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ समय पहले एडीए की ओर से चेतावनी बोर्ड(Warning board) लगाकर इतिश्री कर ली गई। इसके बावजूद वहां पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण(Illegal construction) जोरों पर है।
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रातोरात कमरे का निर्माण, तारबंदी
दो-चार दिन पहले ही यहां पर रातोरात एक कमरे का निर्माण हुआ है। वहां पर लम्बी चौड़ी जमीन पर तारबंदी कर कब्जा (Capture)कर लिया है। इसके बावजूद एडीए की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद है। एडीए की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो पाबूगढ़ की पहाड़ी की जो स्थिति है वह धोलाभाटा पहाड़ी की होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
बिजली के कनेक्शन और पानी की चोरी
अवैध कब्जों पर बिजली के मीटर(Electric meter) लगे हुए हैं। इसमें से कुछ लोगों ने वहां पर रहना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अवैध कब्जों पर बिजली के कनेक्शन कैसे मिल गए। अधिकांश कब्जा कर बनाई कोठरी पर बिजली के मीटर लगे हुए हैं। रोड से पानी की पाइप लाइन गुजर रही है। लोगों ने उसमें से भी अवैध कनेक्शन ले रखे हैं। इसके कारण पानी भी उन्हें मुफ्त में मिल जाता है।
खनन से पेड़-पौधों को नुकसान
धोलाभाटा पहाड़ी पर पिछले कुछ दिनों से अवैध खनन शुरू हो गया है। रात्रि के समय जेसीबी(jcb) से पहाड़ी की खुदाई की जाती है। इसके बाद उसे ट्रेक्टरों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। इसे कॉलोनी काटने वाले रोड बनाने के काम में ले रहे है। इसके कारण प्रकृति को नुकसान हो रहा है और सौन्दर्य (Beauty)खराब हो रहा है। खनन से कई छोटे बबूल के पेड़ आदि को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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