
अजमेर. शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाला जयपुर रोड अतिक्रमियों के कब्जे में है। मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 200 फीट तो कहीं पर 160 फीट है लेकिन अतिक्रमियों ने इस सड़क को घेर रखा है। सड़क की चौड़ाई 200 फीट के स्थान पर 60 फीट तो कहीं 160 फीट के स्थान पर यह 60-70 फीट ही रह गई है। मास्टर प्लान की पालना को लेकर हाईकोर्ट लगातार आदेश दे रहा है लेकिन जिम्मेदार महकमें आंखे मूंदे बैठे है। इस सड़क से अतिक्रमण हटाने के लिए जिम्मेदार अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) अब तक सिर्फ सर्वे ही कर सका है। सर्वे में 93 अतिक्रमण चिन्हित किए जा चुके हैं लेकिन अब तक एक भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। अतिक्रमण के कारण इस सड़क को सिक्स लेन किए जाने का मामला भी अधर में है। प्राधिकरण 8 किलोमीटर लम्बी इस सड़क के सिक्स लेन करने के लिए 18 करोड़ रुपए भी मंजूर कर चुका है।
मकान दुकान, होटल, शो रूम बनाए
सड़क के दोनों तरफ सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। इससे सड़क सिकुड़ गई है। अतिक्रमयों ने होटल, रेस्टारेंट, शोरूम, दुकानें, मकान, स्कूल, चारदीवारी, बाड़े तथा अस्पताल भी बना लिए हैं। कई अतिक्रमण भू-माफिया तथा प्रभावशाली लोगों तथा कुछ राजनेताओं के हैं। इनके अवैध निर्माण को एडीए ने चिन्हित करते हुए लाल निशान लगाए हैं। अतिक्रमण के कारण ही आबादी क्षेत्र में इस सड़क को सिक्स लेन करने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नही हो सकी।
रहता है यातायात का दबाव
जयपुर रोड अजमेर का मुख्य मार्ग है। अजमेर शहर का यातायात नेशनल हाईवे-8 पर सम्राट अशोक उद्यान से शहर में प्रवेश करता है। वर्तमान में यह रोड 4 लेने होने से यातायात का दबाव अधिक रहता है। इस रोड पर शहर के प्रमुख सरकारी विभागों के राज्य स्तरीय कार्यालय भी हैं। स्कूल-कॉलेज भी इसी रोड पर होने से सुबह व दोपहर के समय सड़क पर जाम लग जाता है ।