शिलापट्ट पर लिखे नामों को लेकर खड़ा हुआ विवाद। जिला परिषद के पास पहुंचा मामला।
भाजपा विधायक द्वारा स्वीकृत राशि से निर्मित ग्राम पंचायत भिनाय के आचार्य मोहल्ले में सामुदायिक भवन के उद्घाटन का विवाद जिला प्रमुख वंदना नोगिया की जनसुनवाई में पहुंचा। भिनाय निवासी रतनलाल आचार्य ने जिला प्रमुख के समक्ष शिलापट्ट पर लिखे नामों की जांच कराने की मांग की। जिला प्रमुख ने भिनाय एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए।
आचार्य के अनुसार सामुदायिक भवन का निर्माण भाजपा विधायक सांवरलाल जाट की अभिशंसा पर 1 लाख 50 हजार एवं पंचायत समिति स्तर से निर्बन्ध योजना से 1लाख 25 हजार खर्च कर कराया गया। इसका उद्घाटन कांग्रेसी विधायक एवं तत्कालीन संसदीय सचिव ब्रह्मदेव कुमावत ने किया। शिलापट्ट पर नियमों के विरुद्ध स्थानीय नेता का नाम आने के बाद विवाद शुरू हुआ। इसकी जांच वर्ष 2015 में भिनाय बीडीओ ने करवाई।
जांच में सामने आया कि शिलापट्ट पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट, पूर्व संसदीय सचिव कुमावत, भिनाय प्रधान कैलाश मेघवंशी, सरपंच विजय कुमार धाबाई, प्रकाशचन्द आचार्य का नाम अंकित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रकाश आचार्य का नाम शिलापट्ट पर किस हैसियत से अंकित कराया गया है। उसने शिलापट्ट से नियमविरुद्ध अंकित नाम हटवाने की मांग की।