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Tonk News : कलक्टर टीना डाबी की सरकारी दफ्तरों में ‘रेड’, कर्मचारियों से अफसरों तक में मचा हड़कंप

जिला कलेक्टर टीना डाबी के अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया, जहाँ उन्होंने उपखंड और तहसील कार्यालयों में फाइलों की बारीकी से जांच की।

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टोंक

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Nakul Devarshi

May 06, 2026

राजस्थान की चर्चित आईएएस और टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी अपने कड़े अनुशासन और कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। मंगलवार को टोडारायसिंह उपखंड मुख्यालय पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर की गाड़ी अचानक सरकारी दफ्तरों के बाहर आकर रुकी। कलेक्टर के औचक निरीक्षण की खबर जैसे ही फैली, दफ्तरों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटें छोड़कर रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और फाइलें छिपाने की जद्दोजहद में जुट गए।

दफ्तरों में हड़कंप, अलर्ट मोड पर आया स्टाफ

जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बिना किसी पूर्व सूचना के उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय और पंचायत समिति का रुख किया।

  • अभिलेखों की जांच: कलेक्टर ने सीधे दफ्तरों के अंदर जाकर हाजिरी रजिस्टर और लंबित फाइलों के रिकॉर्ड खंगाले।
  • अधिकारियों की क्लास: निरीक्षण के दौरान कई कमियां पाए जाने पर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की क्लास लगाई और रिकॉर्ड को अपडेट न रखने पर कड़ी नाराजगी जताई।

'लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई'

कलेक्टर ने केवल कार्यालयों का भौतिक निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि राज्य सरकार की फ्लैगशिप और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी जांची।

  1. त्वरित समाधान का आदेश: टीना डाबी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को अपने जायज काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
  2. डेडलाइन तय: लंबित प्रकरणों के लिए समय सीमा निर्धारित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  3. प्रशासन का दायित्व: उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि प्रशासन का प्राथमिक कर्तव्य जनता को राहत पहुंचाना है, न कि उन्हें परेशान करना।

मौके पर सुनी पीड़ितों की फरियाद

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर टीना डाबी का मानवीय चेहरा भी सामने आया। दफ्तरों के बाहर अपनी शिकायतों के समाधान का इंतजार कर रहे पीड़ितों को देखकर कलेक्टर ने उन्हें पास बुलाया और उनकी समस्याएं सुनीं।

  • स्पॉट डिसीजन: पीड़ितों की व्यथा सुनने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को 'तत्काल प्रभाव' से कार्रवाई करने के आदेश दिए।
  • सीधी निगरानी: उन्होंने चेतावनी दी कि इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी रिपोर्ट वे खुद मंगवाएंगी।

बार एसोसिएशन ने किया स्वागत

निरीक्षण के बाद बार एसोसिएशन टोडारायसिंह के अध्यक्ष राकेश गांगवाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से शिष्टाचार भेंट की।

  • स्मृति चिन्ह: अधिवक्ताओं ने कलेक्टर को टोडारायसिंह की ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ा एक स्मृति चिन्ह भेंट किया।
  • स्थानीय मुद्दे: इस दौरान अधिवक्ताओं ने क्षेत्र की न्यायिक और प्रशासनिक समस्याओं पर भी संक्षिप्त चर्चा की।

क्या गिरेगी किसी अधिकारी पर गाज?

टीना डाबी के इस 'छापेमार' स्टाइल निरीक्षण के बाद टोडारायसिंह के प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या कुछ लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिरने वाली है? कलेक्टर ने जिस तरह से फाइलों की जांच की और रिकॉर्ड में विसंगतियां देखीं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही कुछ कड़े प्रशासनिक आदेश देखने को मिल सकते हैं। आखिर टीना डाबी ने अपनी डायरी में किन खामियों को नोट किया है, इसका खुलासा होना अभी बाकी है।