– फायर ब्रिगेड के बेड़े में है हाइड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म – फाेम वाला स्पेशल वाहन भी बेड़े में शामिल – 60 फुट ऊंचाई तक पर आग पर नियंत्रण संभव– दुपहिया व छोटे वाहनों से गलियों में पहुंंच हुई आसान अजमेर. फायर ब्रिगेड अब ऊंचाई पर लगी आग को बुझाने में सक्षम है। वहीं छोटी व संकरी […]
- फायर ब्रिगेड के बेड़े में है हाइड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म
- फाेम वाला स्पेशल वाहन भी बेड़े में शामिल
- 60 फुट ऊंचाई तक पर आग पर नियंत्रण संभव- दुपहिया व छोटे वाहनों से गलियों में पहुंंच हुई आसान
अजमेर. फायर ब्रिगेड अब ऊंचाई पर लगी आग को बुझाने में सक्षम है। वहीं छोटी व संकरी गलियों में आग लगने पर बाईक व छोटे वाहन से पहुंच आसान हैं। अजमेर के दमकल विभाग में एक लेडर प्लेटफार्म वाली हाइटेक मशीन है जो कम से कम पांच सौ किलोग्राम के वजन के साथ 60 फीट हाइट पर जा कर आग बुझा सकती है। पेट्रोकेमिकल या तेलीय आग बुझाने के लिए फोम बनाने वाला विशेष वाहन भी मौजूद है।
फायर ऑफिसर गौरव तंवर ने बताया कि चीफ फायर ऑफिसर जगदीश फुलवारी के निर्देशन में अजमेर के दमकल बेड़े में 18 वाहन हैं। इनमें सभी आधुनिक तकनीक के हैं। इनकी क्षमता 6000 से 3000 लीटर के वाटर टैंक की हैं। प्रमुख रूप से एरियल हाइड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म (एएचएलपी) दमकल, जिससे 60 फीट ऊंचाई पर भी आग बुझा सकते हैं।
फाेम क्रिएट करने वाला विशेष वाहन
फायर ऑफिसर तंवर ने बताया कि बेड़े में तेलीय पदार्थों या केमिकल से लगने वाली आग को बुझाने के लिए विशेष वाहन है। यह (एएफएफएफ) एंबस फिल्म फोगिंग फोम क्रिएट करती है जो तेलीय पदार्थों में लगी आग को बुझाने में सक्षम है।
दुपहिया वाहन व जीप भी
दमकल बेड़े में पांच मोटर साइकिलें शामिल हैं जो छाेटी गलियों में आग बुझाने के लिए काम आती है। इसी प्रकार एक हजार लीटर टैंक, क्षमता वाली जीप है। यह भी गली मोहल्लों में आग पर काबू पाने के लिए सक्षम है। तंवर ने बताया कि करीब 20 का स्टाफ है लेकिन इसमें दमकल कर्मियों के पद रिक्त हैं। कुछ कार्मिकों को संविदा पर लिया गया है।
विशेषताएं
1- हाइड्रोलिक लेडर प्लेटफार्म
1 - फोम क्रिएटिव दमकल
18 - दमकल
5 - मोटरसाइकिल दमकल
20 -फायरमेन व चालक.