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अजमेर.
हजारों अकीदतमंद की मौजूदगी, 25 तोपों की सलामी, कव्वाली और बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों की गूंज के साथ सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में रविवार शाम शान-ओ-शौकत से झंडा चढ़ाया गया। इसके साथ ही ख्वाजा साहब के 807वें उर्स की औपचारिक शुरुआत हो गई। उर्स विधिवत रूप से चांद दिखाई देने पर 7 या 8 मार्च से शुरू होगा।
भर दो झोली....
दरगाह के सबसे बड़े बुलंद दरवाजे पर भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी परिवार ने झंडे की रस्म अदा की। झंडे का जुलूस ‘भर दो झोली..., दमादम मस्त कलंदर...सरकार की चादर... ’ जैसे सूफियाना कलाम के साथ लंगरखाना गली स्थित गरीब नवाज गेस्ट हाउस से रवाना हुआ जो दरगाह बाजार होते हुए बुलंद दरवाजे तक पहुंचा।
झंडे को चूमने की होड़
इस दौरान जायरीन में झंडा चूमने की जबरदस्त होड़ मची। भीलवाड़ा से गौरी परिवार के सदस्यों ने सिर पर चादर लेकर चले। बुलंद दरवाजे पर की सदारत में फखरूद्दीन गौरी ने सैयद मारूफ अहमद की सदारत में झंडा पेश किया। इस दौरान बड़े पीर पहाड़ी से तोपों की सलामी दी गई।