अजमेर

चुपके से बदलते एटीएम कार्ड, यूं करते थे लोगों के साथ धोखाधड़ी

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Feb 24, 2019
gang arrest by police
gang arrest by police

अजमेर.

सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार गुर्गों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपितों ने राजस्थान में उदयपुर, नागौर, चूरू, जयपुर, जोधपुर और अजमेर सहित हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में एटीएम बदलकर धोखाधड़ी की वारदातें अंजाम देना कबूला है। आरोपितों से 20 से ज्यादा एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस उनसे पड़ताल में जुटी है।

थानाप्रभारी लिखमाराम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप के आदेश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह व वृत्ताधिकारी जिनेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में सिविल लाइन्स थाने की टीम ने मुखबिर व तकनीकी साधनों की मदद से एटीएम कार्ड चुराकर व बदलकर एटीएम से रुपए निकासी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के हरियाणा हिसार हासी में गणेश कॉलोनी निवासी अमृतकुमार पुत्र राजकुमार सांसी, संजय कुमार पुत्र सूबेसिंह सांसी, विनोद पुत्र धर्मपाल सांसी, नारनोंद सुलचयानी निवासी धर्मेन्द्र पुत्र राजकुमार सांसी को गिरफ्तार किया।

दे चुका दर्जनों वारदातें अंजाम

गिरोह देशभर में पिछले कुछ माह में दर्जनों वारदातें अंजाम दे चुका है। आरोपित पूर्व में हरियाणा, पंजाब में एक दर्जन से ज्यादा मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके है। गिरफ्तार गिरोह के गुर्गों का कई जगह एटीएम के सीसीटीवी फुटेज से मिलान हुआ है। पुलिस आरोपितों को शुक्रवार को अदालत में पेश करेगी। पुलिस टीम में हैडकांस्टेबल बिजेन्द्र सिंह, सिपाही पूसाराम, विजेन्द्र सिंह, राजू गौरान और जगदीश शामिल रहे।

यूं अंजाम देते हैं वारदात

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि गिरोह बैंक के एटीएम के पास खड़े होकर रैकी करते है। जहां पर कम भीड़भाड़ हो वहां पर किसी महिला, बुजुर्ग व्यक्ति, ग्रामीण परिवेश के व्यक्ति के एटीएम में खड़ा मिलने या एटीएम के संचालन में परेशानी होने पर मदद का झांसा देकर एटीएम कार्ड बदल देते है। उसको अपनी जेब से हू-ब-हू कार्ड निकालकर थमा देते हैं। एटीएम कार्ड के संचालन के समय संबंधित व्यक्ति से उसका पिन नम्बर भी देख लेते हैं।

नहीं भूलते पिन नम्बर भूलते नहीं

पिन नम्बर एटीएम कार्ड के ऊपर लिख लेते हैं जिससे पिन नम्बर भूलते नहीं है। एटीएम कार्ड बदलने के बाद दूसरी जगह से रकम की निकासी कर लेते हैं। रकम की निकासी तब तक करते है जब तक व्यक्ति अपना एटीएम को ब्लॉक नहीं करवा लेता या रकम खत्म न हो जाए। गिरोह के लोग रूट बदल-बदलकर वारदात अंजाम देते हैं ताकि शिकार हुए व्यक्ति से दुबारा मिलान न हो सके।

Published on:
24 Feb 2019 05:12 pm