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अजमेर.
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का 807 वां उर्स जारी है। विभिन्न रसूमात यहां जारी हैँ। रजब महीने में जारी उर्स में हजारों की संख्या में जायरीन अजमेर पहुंच चुके हैं।
उर्स मेले में महफिल खाने में महफिल जारी है। इसमें परम्परानुसार दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन सदारत कर रहे हैं। दीवान मध्यरात्रि को आस्ताना शरीफ में प्रवेश कर मजार शरीफ पर गुलाब जल और केवड़े से गुस्ल देते हैं। इस दौरान देश की विभिन्न खानकाहों के सज्जादानशीन, सूफी, मशायख और जायरीन देखे जा सकते हैं।
ये हैं ख्वाजा साहब के दीवाने
ख्वाजा साहब के मजार पर गुस्ल की परम्परा छह रजब तक निरंतर चलेगी। महफिल खाने में महफिल ए समां छह रजब यानि छोटे कुल के दिन तक जारी रहेगी। देशभर से आए कव्वाल ख्वाजा साहब की शान में सूफियाना कलाम पेश कर रहे हैं। ख्वाजा साहब के दीवानों को देखकर आप हैरान रह सकते हैं। कोई घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना में जुटा है, तो कई जन्नती दरवाजे से प्रवेश के लिए अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा सकते हैं। तेज धूप, गर्मी की उन्हें परवाह नहीं है।
गूंज रहे हैं शादियाने
दरगाह परिसर में नगाड़े और शादियाने गूंज रहे हैं। छह रजब तक ख्वाजा गरीब नवाज का उर्स चलेगा। छठी शरीफ की रस्म यानि छोटे कुल के दिन जायरीन केवड़े और गुलाब जल से दरगाह की धुलाई करेंगे। इसके बाद बड़े कुल की रस्म होगी। इसमें भी केवड़े और गुलाब जल से दरगाह की धुलाई होगी।