
मदनगंज-किशनगढ़
जयपुर रोड स्थित कृषि उपज मंडी में सरकार की 1984-85 में ग्रामीण गोदाम स्कीम के तहत प्रत्येक कृषि उपज मंडी में एक-एक हजार मैट्रिक टन का गोदाम बनाया गया।
सरकार की ओर से गोदाम तो बना दिया गया, लेकिन स्टाफ नहीं लगाए जाने के कारण गोदाम बंद ही पड़ा है। इसके कारण मात्र 2008-09 में और एक बार और काम में आया। इसके अलावा यह बंद ही पड़ा रहा है। गोदाम के बंद रहने के कारण क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है। इसके बावजूद अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
यह था उद्देश्य
उक्त गोदाम बनाने का उद्देश्य यह था कि पहले वेयर हाउस कम थे। इसके कारण काश्तकारों की उपज को रखने में परेशानी होती थी। इसके चलते ग्रामीण गोदाम स्कीम के तहत गोदाम तो बना दिए, लेकिन स्टाफ नहीं लगाया गया। इसके कारण यह सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सके।
स्टाफ की थी आवश्यकता
गोदाम में काश्तकार की उपज को सुरक्षित रखने के लिए स्टाफ की आवश्यकता थी। इसके कारण टेक्निकल स्टाफ, सर्वेयर, रिकार्ड कीपर और दवा का छिड़काव करने आदि की आवश्यकता थी, लेकिन अभी कर्मचारी के नहीं लगाए जाने के कारण वह बंद पड़ा हुआ है।
मंडी में ही है स्टाफ की कमी
कृषि उपज मंडी प्रशासन ही स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि वर्तमान में 17 में से मात्र सचिव सहित 4 लोग स्थायी और 3 संविदा पर कार्यरत हैं। इसके कारण मंडी संचालन बामुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मंडी परिसर में ग्रामीण गोदाम स्कीम के तहत एक हजार मैट्रिक टन का गोदाम बनाया गया था, लेकिन स्टाफ नहीं लगाया गया। इसके कारण वह बंद ही पड़ा हुआ है।
- रामलाल जाट, सचिव, कृषि उपज मंडी किशनगढ़