
अजमेर. रोगों को गाय के दूध से निर्मित उत्पाद जल्द उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों की दुग्ध समितियों में पशुपालकों की सम्पूर्ण जानकारी का डिजीटलीकरण होगा। यह बात अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने संचालक मंडल की 133वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी भी दी।
चौधरी ने कहा कि उपभोक्ताओं को गायों के उत्पाद जल्द मिलेंगे। गाय के दूध और घी उपलब्ध होने से पशुपालकों को अतिरिक्त आय मिलेगी। डेयरी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे दुग्ध उत्पादक संघों का डिजिटलीकरण करेगी। केंद्र सरकार की संस्था रील के साथ पांच साल का अनुबन्ध किया गया है। 850 से भी अधिक दुग्ध संघ और डेयरी का कामकाज ऑनलाइन होगा। पशुपालकों के पास मोबाइल पर मैसेज आएगा। इसमें दूध और फैट की मात्रा, एसएनएफ और कीमत के बारे में पूरी जानकारी पशुपालक को तुरन्त उपलब्ध होगी।
मुख्य सर्वर पर प्रत्येक संग्रहण केन्द्र पर दूध से जुड़ी सूचना तैयार रहेगी। भविष्य में दूध की अतिरिक्त आवक को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की आनन्दा डेयरी के साथ भी चर्चा की गई है। इससे अतिरिक्त दूध लागत मूल्य एवं दो रूपए प्रति लीटर के लाभ के साथ बेचे जाने से पशुपालकों को लाभ होगा। पशुपालको एवं उपभोक्ताओं को डेयरी उत्पादों के प्रति जागरूक करने के लिए डाक्यूमेंन्ट्री फिल्म बनाई जाएगी।
डेयरी का नया प्लान्ट का शुभारम्भ 7 मई को होना प्रस्तावित है। इससे 15 साल तक दुग्ध संबंधी समस्त आवश्यकताएं पूरी होगी। प्लान्ट की कीमत 340 करोड़ हो गई है। यहां एलपीजी सिस्टम एवं सौर प्लांट भी लगाया जाएगा। इस दौरान डेयरी के प्रबंध संचालक प्रदीप चतुर्वेदी तथा वित्त प्रबंधक मौजूद थे।