
sangita beniwal
अजमेर. महिला अबला या पिछड़ी नहीं है। अगर पुरुष उसका कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करे तो वह आसमान की ऊंचाई छू सकती हैं। यह बात राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कही।
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महिला सशक्तिकरण पर आयोजित सेमिनार में बेनीवाल ने कहा कि महिलाएं घर-परिवार, समाज और कार्यक्षेत्र की कुशल प्रबंधक हैं। वे किसी क्षेत्र में पिछड़ी नहीं हैं। पुरुषों की हौसला अफजाई और सहयोग मिले तो वे आसमान के तारे भी तोड़ सकती हैं। मैं भी अपने पिता डॉ. शंकरलाल चौधरी और ससुर-पति के सकारात्मक सहयोग से इस पद पर पहुंची हूं। हमें कमजोर अैार पिछड़े तबके की महिलाओं को उच्च सोपान तक पहुंचाना चाहिए।
कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने कहा कि ऋषि-मुनियों ने नारी को पूजनीय बताया है। वास्तव में महिलाएं अपनी दायित्व को बेहद कुशलता से निभाती हैं। जिस घर में बेटियों-महिलाओं का सम्मान होता है लक्ष्मी वहीं निवास करती है। जनसंख्या अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मी ठाकुर ने स्वागत किया।
घरेलू कामकाज करके भी टॉप....
कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि बेटियां घरेलू कामकाज करते हुए भी पढ़ाई में टॉप करती हैं। वहीं लडक़े माता-पिता की भावनाओं को सदैव आहत करते हैं। वे घर से ट्यूशन-पढ़ाई का बहाना कर निकलते हैं और चौराहों-सडक़ों पर समय बिताते हैं। लड़कियां ईमानदारी से पढ़ाई करते हुए कॅरियर बनाती हैं। जिन घर में बेटियां होती हैं वहां माहौल खुशनुमा रहता है।
Updated on:
08 Mar 2020 02:47 pm
Published on:
08 Mar 2020 02:47 pm
