अजमेर

अगर आप भी है DOG पालने के शौकीन तो पढ़ें ये खबर, इनकी लग्जरी लाइफ स्टाइल का खर्चा जानकर आप भी दंग रह जाएंगे

शहर के लोगों में दिनोदिन पैट डॉग्स का के्रज बढ़ता जा रहा है। लोग पशु प्रेम व अपनी शान दिखाने के उद्देश्य से महंगे से महंगा डॉग पालना पसन्द कर रहे हैं।
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Updated: 12 Dec 2017, 3:45 PM IST
if you are also pet dogs lover then must read the news

सोनम राणावत /अजमेर. शहर के लोगों में दिनोदिन पैट डॉग्स का के्रज बढ़ता जा रहा है। लोग पशु प्रेम व अपनी शान दिखाने के उद्देश्य से महंगे से महंगा डॉग पालना पसन्द कर रहे हैं। नतीजतन शहर में तकरीबन 3500 से अधिक पालतू श्वान हैं। इन श्वानों पर होने वाला महीने का खर्च सामान्य व्यक्ति पर होने वाले खर्च से बहुत अधिक है। लेकिन इन सब बातों को नजरअंदाज करते हुए भी लोग इनका पालन पोषण अपने परिवार के सदस्य के समान करते हैं।

लग्जरी लाइफ जीते हैं पैट्स

लोगों पर शौक इस कदर हावी हो रहा है कि हाई ब्रीड्स डॉग्स को अपने बच्चों के समान ही महंगी कारों में घुमाने फिराने के साथ लजीज खाना भी खिलाते हैं। कई लोग अपने पैट्स को न केवल पालते हैं बल्कि उन पैट्स को लग्जरी लाइफ भी देते हैं। डॉग्स के लिए बिस्तर, कपड़े व स्पेशल एसेसरीज के साथ रहने के लिए स्पेशल डॉग हट्स भी बनवाते हैं। साथ ही मार्केट में भी इनकी एसेसरीज व फूड के लिए स्पेशल दुकानें भी हैं, जहां बकायदा इन्हें ले जाकर इनके नाप व पसन्द के हिसाब से एसेसरीज व फूड खरीदा जाता है।

खाने पर होता है इतना खर्च
- स्मॉल ब्रीड के पालतू श्वान पर 2000 से 2500 रुपए

-सामान्य ब्रीड के पालन-पोषण और देखभाल पर 4000 रुपए व हाई ब्रीड के डॉग्स पर 6000 से 7000 रुपए खर्च होते हैं।


डॉग ट्रेनर का भी बढ़ रहा क्रेज

डॉग्स को प्रशिक्षण देने के लिए लोगों में इन दिनों डॉग ट्रेनर का भी क्रेज बढ़ता जा रहा है। कुछ लोगो डॉग की देखभाल व उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए डॉग ट्रेनर भी रखते हैं जो कि डॉग्स को न केवल घुमाते फिराते हैं बल्कि उन्हें कई कलाओं में ट्रेन्ड भी करते हैं।

पैट डॉग्स में कम होती रोग प्रतिरोधक क्षमता

यह आश्चर्यजनक तथ्य है कि पैट्स डॉग्स की अपेक्षा गली-मोहल्ले में घूमने वाले श्वानों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है जिससे इन श्वानों में बीमारियां कम होती है। जबकि वैक्सीनेशन करवाने के बावजूद भी पैट्स डॉग्स में बीमारियां अधिक होती है । इसमें खासतौर पर फूड एलर्जी, गेस्टोएन्ट्राइटिज (उल्टी-दस्त), कैनल कफ्स (सर्दी जुकाम), सीजनल डिजीज व इंफेक्शन अधिक होता है । ऐसे में डॉग मालिक को चाहिए कि वह समय पर वैक्सिनेशन करवाए ताकि पैट्स को बीमारियों से बचाया जा सके।
-डॉ. दिनेश कुमावत, पैट्स स्पेशलिस्ट

ऑनलाइन हो रही पैट्स की बिक्री
युवाओं में बढ़ते ऑनलाइन शॉपिंग के क्रेज के चलते अब लोग पैट्स की खरीद भी ऑनलाइन करने लगे हैं। इनका मूल्य ऑनलाइन शॉपिंग के हिसाब से हजारों से शुरू होकर लाखों तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद भी पैट्स शौकीनों की संख्या में निरन्तर बढ़ोतरी हो रही है।

डॉग शो में दिखाया उत्साह
पैट्स लवर के लिए अजमेर केनल क्लब की ओर से रविवार को पटेल मैदान में डॉग शो का आयोजन पटेल किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल ने किया। डॉग शो में श्वानों के साथ श्वान उनके मालिकों ने भी उत्साह से भाग लिया।

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