अजमेर

अवैध रूप से बजरी खनन,रेत ढहने से दबे श्रमिक की मौत

नदी के पेटे से बजरी सिमटने के बावजूद खाइयों से बजरी खनन, रोजाना हजारों टन बजरी आपूर्ति कर चांदी कूट रहे माफिया
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Jun 14, 2019
Illegal gravel mining, sand collapsed due to labor collapse
अवैध रूप से बजरी खनन,रेत ढहने से दबे श्रमिक की मौत

मेवदाकलां (अजमेर). अदालत से बजरी खनन पर रोक है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर नदी-नालों से बजरी दोहन थम नहीं रहा। हालात यह हो गए कि नदी के पेटे में बजरी खत्म होने लगी है। इसके बावजूद खाइयां खोदकर बजरी खनन जारी है।

ऐसी ही एक खाई में रेत ढहने से एक श्रमिक की दबने से मौत हो गई। बजरी भरते समय मिट्टी का बड़ा हिस्सा गिरते ही मौके पर भगदड़ मच गई। लोगों ने श्रमिक को बाहर निकालने की कोशिशें की,लेकिन उसने दम तोड़ दिया।

घटना छाबडिय़ा ग्राम के पास डाई नदी की है। यहां रेत में दबने से जूनियां निवासी रोडू पुत्र गोपी रेगर की मौत हो गई। डाई नदी से रोजाना ट्रैक्टर, ट्रेलर, ट्रक व अन्य वाहनों के जरिए बजरी परिवहन जारी है।

शव के साथ प्रदर्शन

श्रमिक की मौत के बाद बड़ी संख्या में जूनियां के लोग मौके पर आए। पुलिस ने पहुंच शव को बाहर निकाला। बाद में शव केकड़ी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजन व ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर मुआवजे की मांग की। काफी देर तक ग्रामीणों व प्रशासन के बीच तकरार होती रही। बाद में मुआवजा दिलाने के आश् वासन के बाद शव को उठाया गया। गौरतलब है कि बुधवार रात

कुछ श्रमिक नदी से ट्रैक्टर में बजरी भर रहे थे। इसी दौरान रेत का टीला ढहने से रोडू रेगर दब गया। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फ रार हो गया। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि रोडू को जूनियां निवासी एक ठेकेदार अपने ट्रैक्टर में बजरी भराने के लिए छाबडिय़ा के पास डाई नदी में ले गया था। ठेकेदार ने देर रात हादसे की सूचना दी। मौके पर परिजन व ग्रामीण पहुंचे। तब तक ठेकेदार भाग छूटा।

खुलेआम हो रहा अवैध खनन

क्षेत्र में खुलेआम बजरी का अवैध खनन व परिवहन हो रहा है। डाई व खारी नदी में दिनरात बजरी खनन देखा जा सकता है। बजरी माफि या प्रशासनिक कार्रवाई के डर से रात को बजरी खनन करा रहे हैं। पुलिस के भय से तेज गति से वाहन चलाकर सडक़ हदासे को बढ़ावा दे रहे हैं।

Published on:
14 Jun 2019 06:03 am