अजमेर

वाह रहे सरकार…धर्मशाला में चल था अवैध प्राइवेट स्कूल, अफसरों को नहीं लग पाई भनक

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Sep 18, 2018
food poisoning case
food poisoning case

नसीराबाद .

सुत्तरखाना क्षेत्र स्थित गुर्जर धर्मशाला में चल रही शिक्षा द कान्वेन्ट स्कूल के फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए 76 छात्रों की सम्पूर्ण जांच कर उन्हें चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश माहेश्वरी ने बताया कि समय रहते छात्रों को शनिवार की देर रात उपचार दे दिए जाने के कारण उनकी हालत में रात को ही सुधार हो गया था। लेकिन एहतियातन उनके स्वास्थ्य का सम्पूर्ण परीक्षण कर छुट्टी दे दी गई। गौरतलब है कि शिक्षा द कान्वेन्ट स्कूल में शनिवार शाम हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को रोटी, दाल व आलू पालक की सब्जी दी गई थी।

खाना खाने के बाद से ही बच्चों में उल्टी व सिरदर्द की शिकायत हो गई। इसके बाद स्कूल के संचालक जयरामसिंह रावत ने तत्काल उन्हें सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया था। फूल पाइजनिंग का शिकार हुए बच्चों की सूचना मिलते ही चिकित्साकर्मी व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. माहेश्वरी की देखरेख में उनका उपचार शुरू कर भर्ती कर दिया।

सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी मुकेश चौधरी, सिटी थानाधिकारी दिनेश कुमावत भी चिकित्सालय पहुंच गए। देर रात जिला कलक्टर आरती डोगरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के के सोनी, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामस्वरूप कराडिय़ा मय स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित चिकित्सालय पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। वहीं देर रात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आई खाद्य सुरक्षा की टीम ने हॉस्टल के रसोई घर से खाद्य सामग्री के जांच के लिए सैम्पल भरे।

जिला शिक्षा अधिकारी ने की जांच

फूड पाइजनिंग का शिकार हुए बच्चों के प्रकरण में जिला शिक्षा अधिकारी प्रहलाद सहाय वर्मा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीनगर अशोक शर्मा व कार्यालय मान्यता प्रभारी रामस्वरूप सैन रविवार को विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय संचालक जयरामसिंह रावत से विद्यालय के दस्तावेज मांगकर उनकी जांच की। सूत्रों ने बताया कि विद्यालय की मान्यता निकटवर्ती ग्राम नांदला क्षेत्र की थी तथा उसमें हॉस्टल की मान्यता नहीं थी।

जबकि हॉस्टल की मान्यता समाज कल्याण विभाग देता है। वहीं विद्यालय में लगभग चार सौ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जिनमें से 92 छात्र हास्टल में रहते हैं। विद्यालय में 15 शिक्षकों का स्टाफ है। जांच में यह भी पाया गया कि संचालक द्वारा विद्यालय के नाम से धर्मशाला में विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।

Published on:
18 Sept 2018 10:04 am