अजमेर

फायरिंग प्रकरण में आरोपियों से कराई घटनास्थल की तस्दीक

रूपनगढ़ में वारदात के दौरान प्रत्यक्षदर्शी की हुई थी गोली लगने से मौत, एक अन्य हुआ था घायल
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Oct 06, 2024
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फायरिंग प्रकरण के आरोपियों को घटनास्थल की तस्दीक के लिए ले जाती पुलिस।

रूपनगढ़ में जैन छात्रावास के पास बेशकीमती भूमि पर विवाद को लेकर 22 सितम्बर को हुई फायरिंग व आगजनी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से घटनास्थल की तस्दीक कराई गई। थाना प्रभारी भंवर सिंह राव ने बताया कि शनिवार को आरोपी राजवीर सिंह, पुखराज, नरेश, विकास, दीपेंद्र, विजेंद्र, रामनिवास आदि से आरोपियों की निशानदेही से योजनास्थल बलवाराम के कार्यालय मेगा हाइवे रूपनगढ़ और घटनास्थल किशनगढ रोड स्थित जैन छात्रावास के पास की तस्दीक करवाई गई।

कार की जब्त

मामले में आरोपी पुखराज व नरेश की निशानदेही से गांव फलौदा जहां वारदात अंजाम देने के बाद आरोपी कार छोड़कर फरार हुए की भी तस्दीक कराई गई। थाना प्रभारी राव ने बताया कि आरोपी नरेश से वारदात में प्रयुक्त कार जब्त की गई।

अब तक 20 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

प्रकरण में पुलिस अब तक बलवाराम जाट की पत्नी समेत 20 आरोपियों व 2 विधि से संघर्षरत किशोर को गिरफ्तार कर चुकी है।

यूं चला घटनाक्रम

गत 22 सितम्बर को रूपनगढ़ किशनगढ़ रोड पर ग्राम पंचायत की ओर से जारी पट्टे पर जमीन पर कब्जा कर रहे लोगों को बलवाराम के गुर्गे नाहरसिंह उर्फ नारू जाट ने काम रोकना चाहा। निर्माण करा रहे लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। बलवाराम के उकसावे पर दिनेश चौधरी व उसके साथी हथियार से लैस होकर पहुंचे। फायरिंग में श्रमिक शकील की मौत हो गई जबकि ठेकेदार नारायण जख्मी हो गया। जीवण खां उर्फ कालू ने बलवाराम समेत 11 आरोपियों को नामजद करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया।

प्रकरण : एक नजर

23 सितम्बर को डीआईजी व एसपी ने चार आरोपी दिनेश चौधरी, हनुमान जाट, पुखराज जाट व नरेश जाट पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया।

24 सितम्बर को वारदात में शामिल पांचवे व फायरिंग का आरोपी राजवीर सिंह उर्फ फौजी को चिह्नित करते हुए 50 हजार का इनाम घोषित किया।

25 सितम्बर को डीआईजी ओमप्रकाश ने प्रकरण में अजमेर रेंज की स्पेशल टीम गठित करते हुए 12 टीमें तलाश में रवाना की।

27 सितम्बर को वारदात में लिप्त बीआरसी ग्रुप के नन्दालाल उर्फ नन्दा जाट, रामदेव मेघवाल, अर्जुनलाल जाट, कमलेन्द्र उर्फ कैलाश जाट, आसम खां, मुकेश जाट को पकड़ा। जबकि षड़यंत्र में शामिल रामजीलाल, रतनललाल, नरेन्द्र व शिवराज जाट को गिरफ्तार किया।

30 सितम्बर को पुलिस की टीम ने बलवाराम जाट की पत्नी पार्वती जाट, रामदयाल जाट, श्रीराम जाट व दो नाबलिग को निरूद्ध किया।

2 अक्टूबर को 50-50 हजार के इनामी राजवीर सिंह उर्फ फौजी भूरिया, पुखराज जाट व नरेश जाट को पकड़ा। इसके अलावा सहयोगी विकास जाट, दीपेन्द्र जाट, विजेन्द्र जाट व रामनिवास जाट को गिरफ्तार किया।

Updated on:
06 Oct 2024 03:31 am
Published on:
06 Oct 2024 03:31 am