प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे कोर्स वेरिफाई नहीं होने के कारण हजारों विद्यार्थी छात्रवृत्ति के आवेदन नहीं भर पा रहे है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, हालांकि छात्रवृत्ति आवेदन तिथि बढऩे से विद्यार्थियों को थोड़ी राहत मिली है।
प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे कोर्स वेरिफाई नहीं होने के कारण हजारों विद्यार्थी छात्रवृत्ति के आवेदन नहीं भर पा रहे है। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, हालांकि छात्रवृत्ति आवेदन तिथि बढऩे से विद्यार्थियों को थोड़ी राहत मिली है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन ऑनलाइन भरवाए जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए संबंधित महाविद्यालय अथवा संस्थान का विश्वविद्यालय से कोर्स वेरिफाई होना आवश्यक होता है, इसके बाद ही विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं।
प्रदेश में संचालित निजी एवं सरकारी आईटीआई के कोर्स संबंधित विश्वविद्यालय के वेरिफाई नहीं होने के कारण अभी तक एक भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति के आवेदन नहीं भर पा रहे है। वह कभी विभाग के तो कभी आईटीआई के चक्कर लगा रहे हैं।
इसके बावजूद इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में रोष बढ़ता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल से ही विभाग ने छात्रवृत्ति को पेपरलैस कर दिया है।
आवेदन की तिथि बढ़ाई
विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथी 31 जनवरी निर्धारित थी। आईटीआई के विद्यार्थी आदि के आवदेन नहीं भरने के कारण अब तिथि को 28 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। विद्यार्थियों की ओर से भरे गए आवेदनों की ऑनलाइन जांच आदि 10 मार्च तक की जाएगी।
फैक्ट फाइल-
-1600 से अधिक प्रदेश में निजी एवं सरकारी आईटीआई
- 160 के करीब प्रदेश में सरकारी आईटीआई
- 40 के करीब जिले में निजी एवं सरकारी आईटीआई
इनका कहना है...
तकनीकी निदेशालय की ओर से कोर्स वेरिफाई नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति के आवेदन नहीं भर पा रहे हैं। यह समस्या यहीं नहीं पूरे प्रदेश में है।
- राजकुमार, प्रिंसीपल महिला औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र