
Jagan Gurjar Murder Case Update: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुए बहुचर्चित जगन गुर्जर हत्याकांड की जांच अब जेल की चारदीवारी के भीतर पहुंचेगी। मामले की गुत्थी सुलझाने और हत्या की साजिश से जुड़े अहम सुराग जुटाने के लिए सिविल लाइंस थाना पुलिस उच्च सुरक्षा कारागृह में बंद हार्डकोर बंदियों से पूछताछ करेगी। पुलिस का मानना है कि आरोपी विष्णु जाट और मृतक दस्यु जगन गुर्जर के बीच लंबे समय से चली आ रही रंजिश तथा हत्या की पूरी साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य जेल में बंद अन्य बंदियों के पास हो सकते हैं।
थाना प्रभारी शंभूसिंह ने बताया कि जगन गुर्जर हत्याकांड की जांच के दौरान वार्ड-2 के ब्लॉक-4 में बंद हार्डकोर बंदियों से पूछताछ की आवश्यकता महसूस हुई। इसके लिए न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया था। बंदियों की संख्या अधिक होने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए अदालत से अनुमति मिलने के बाद अब पूछताछ जेल परिसर के भीतर ही की जाएगी। पहले बंदियों को पूछताछ के लिए अदालत के आदेश से बाहर लाने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था और जांच की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीम सीधे अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल पहुंचकर पूछताछ करेगी।
पुलिस की जांच फिलहाल वार्ड-2 के ब्लॉक-4 पर केंद्रित है। इस ब्लॉक में बंद कई हार्डकोर बंदियों को पूछताछ के दायरे में लिया गया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी विष्णु जाट के संपर्क, उसकी गतिविधियों और हत्या से पहले तथा बाद की परिस्थितियों के संबंध में इन बंदियों के पास महत्वपूर्ण जानकारियां हो सकती हैं। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस हत्या की पूरी साजिश, आपसी रंजिश और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।
जांच एजेंसियां ये भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की योजना किस स्तर पर बनाई गई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या घटना से पहले जेल के भीतर किसी प्रकार की साजिश रची गई थी। पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या नई जानकारी सामने आती है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। अब जेल के भीतर होने वाली पूछताछ से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है, जिससे जगन गुर्जर हत्याकांड की जांच को नई दिशा मिल सकती है। फिर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पति की मौत के सदमे से धौलपुर के एक अस्पताल में भर्ती जगन गुर्जर की पत्नी कोमेश गुर्जर का गुस्सा फूट पड़ा है। होश आते ही उनके होंठों पर सिर्फ दो ही शब्द हैं 'बदला और इंसाफ।' 'कुबूल करवाओगे कि कब की दुश्मनी थी? क्यों उसने मेरे पति को मारा है…फिर मुझे तसल्ली आ जाएगी। इतने बड़े आदमी को ही धोखा दे दिया, गद्दारी कर दी…छोटे-मोटे आदमी का क्या? किसी की मां ने दूध पिलाया है तो एक बार मेरे पति का असली हत्यारा सामने आ जाए…या तो मैं रहूंगी या वो जिंदा रहेगा।
मारने वाला बस कुबूल करके यह बता दे कि क्या दुश्मनी थी?' यह कोई फिल्मी संवाद नहीं, बल्कि चंबल के बीहड़ों को कभी थर्रा देने वाली पूर्व महिला डकैत कोमेश गुर्जर की दहाड़ है। 29 जून को उनके पति और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद, कोमेश गहरे सदमे में हैं। गिरते ब्लड प्रेशर के कारण वो धौलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन जैसे ही होश आता है, उनकी जुबान पर सिर्फ दो ही शब्द होते हैं इंसाफ और इंतकाम।