6 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ajmer Crime: भतीजे ने पत्नी के साथ मिलकर की थी डेढ़ करोड़ रुपए की ज्वेलरी चोरी, मास्टर-की से दिया था वारदात को अंजाम

Rajasthan News: अजमेर के आदर्शनगर थाना क्षेत्र में डेढ़ करोड़ रुपए की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया है कि इस वारदात को किसी बाहरी गैंग ने नहीं, बल्कि परिवादी के ही भतीजे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
3 min read
Google source verification
Ajmer Robbery Case Revel

आदर्शनगर थाना पुलिस की गिरफ्त में मनीष खण्डेलवाल और दिप्ती खण्डेलवाल का फाइल फोटो: पत्रिका

Husband-Wife Stole Jewellery And Cash: अजमेर के आदर्शनगर में डेढ़ करोड़ रुपए के जेवरात और पांच लाख रुपए नकदी की चोरी के मामले का आदर्शनगर थाना पुलिस और डीएसटी की टीम ने मात्र 4 दिन में खुलासा कर दिया। पुलिस ने परिवादी के ही भतीजे और उसकी पत्नी को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस ने पति-पत्नी की निशानदेही पर चोरी के आभूषण, 15 किलो चांदी और पांच लाख रुपए की नकदी बरामद कर ली।

नकदी सहित चुराए गए कुल माल की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी भतीजा अपने चाचा के साथ मकान के दूसरे हिस्से में रहता है। उसने चाचा के कमरे की एक चाबी पहले से ही अपने पास रखी थी। उसी से ताले खोलकर इत्मीनान से चोरी की वारदात अंजाम दी। पुलिस ने माल बरामदगी के बाद आरोपी दंपती को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया।

चुराया था इतना माल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि आदर्शनगर माधवद्वार निवासी गोपाल खंडेलवाल ने एक जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 जून को वह काम से बाहर गए थे और उनकी पत्नी, दोनों बेटे और पुत्रवधू खाटूश्याम गए थे। रात को सभी लौट आए लेकिन अगले दिन सुबह अलमारी देखने पर 15 KG चांदी, सोने-हीरे के जेवरात और पांच लाख रुपए नकद गायब मिले। खास बात ये थी कि कमरे और मकान के ताले पहले की तरह ही बंद थे।

वारदात के बाद सीओ (साउथ) मनीष बड़गुर्जर व आदर्शनगर थानाधिकारी दिलीप मुक्कड़ के नेतृत्व में टीम बनाई गई। एफएसएल-एमओबी की टीम से घटनास्थल का जायजा लिया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज, बीटीएस डाटा व संदिग्ध की कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जांच के दौरान परिवादी के साथ मकान में रहने वाले भतीजे मनीष खंडेलवाल उर्फ मोनी (47) और उसकी पत्नी दीप्ति खंडेलवाल उर्फ डोली (43) पर संदेह गहराया। पूछताछ में दोनों ने चोरी करना कबूल लिया।

आरोपी दंपती से बरामदगी

जांगिड़ ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपियों के कमरे से परिवादी के कमरे की चाबी, चांदी की 15 सिल्ली, 5 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के चोरी हुए जेवरात बरामद किए। पुलिस के अनुसार चोरी गए सम्पूर्ण माल की बरामदगी कर ली गई है और मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।

यों अंजाम दी वारदात

जांच में सामने आया कि परिवादी गोपाल खंडेलवाल और आरोपी मनीष खंडेवाल सगे चाचा-भतीजे हैं। दोनों एक ही मकान में रहते हैं। आरोपी पहली मंजिल पर जबकि परिवादी भूतल पर रहता था। मकान का तीसरा हिस्सा बंद है। आरोपियों ने वारदात से एक दिन पहले परिवादी के कमरे की दो में से एक चाबी छिपाकर अपने पास रख ली। 30 जून को परिवादी और उसका परिवार नहीं होने पर उन्होंने उसी चाबी से कमरा खोलकर अलमारी से 15 किलो चांदी, जेवरात और पांच लाख रुपए निकाल कर पूरा माल अपने कमरे में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपियों से पूरा माल बरामद कर लिया।

संयुक्त टीम की अहम भूमिका

एएसपी जांगिड़ ने बताया कि मामले के खुलासे में आदर्शनगर थाना पुलिस. जिला स्पेशल टीम की संयुक्त कार्रवाई निर्णायक रही। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा कर माल की सौ फीसदी बरामदगी सुनिश्चित की।

भतीजे के कमरे में भी हुई थी चोरी

पड़ताल में आया कि पेशे से किराणा व्यापारी आरोपी मनीष खंडेलवाल के कमरे में भी करीब तीन माह पहले चोरी हुई थी लेकिन उसने पुलिस को शिकायत नहीं दी। उसने चाचा के कमरे में चोरी करते समय भी यही अंदाजा लगाया कि चाचा भी पुलिस को शिकायत नहीं करेंगे। हालांकि इतनी बड़ी रकम बरामदगी पर मामला आयकर विभाग की नजर में भी आ गया है।

पत्रिका ने पहले ही कर दिया खुलासा...(ईपीएस लगाएं)

पत्रिका टीम ने घटनास्थल के हालात देखने और परिवादी गोपाल खंडेलवाल से बातचीत के बाद ही स्पष्ट कर दिया था कि वारदात में परिवार के किसी सदस्य का ही हाथ है। वारदात में कमरे के साथ अलमारी, लॉकर व अन्य संदूक भी चाबी से ही खोले गए जबकि प्रत्येक चाबी परिवार ने अलग-अलग जगह रखी थी।