उसके पिता श्रमिक हैं और परिवार सामान्य श्रेणी का परिवार है। चैलेंजर वीक जीतने के बाद उसके पास फोन कॉल आया और वह सीधे मुंबई पहुंच गया। वह इस सीजन में राजस्थान से जीतने वाला पांचवा प्रतिभागी है।
Rajasthan News: किस्मत कभी भी बदल सकती है, ताजा उदाहरण ब्यावर जिले में रहने वाले उज्जवल प्रतापत है। साल 2020 से वह केबीसी में जाने के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन उसकी एंट्री इस साल हुई और वह भी शॉर्ट कट के जरिए। वह इंडिया चैलेंजर वीक के जरिए सही सवालों का जवाब देते हुए सीधे हॉट सीट तक जा पहुंचा। 23 और 24 सितंबर को उसने केबीसी में सवालों के जवाब दिए और पचास लाख रुपए जीते। उसके पिता श्रमिक हैं और परिवार सामान्य श्रेणी का परिवार है। चैलेंजर वीक जीतने के बाद उसके पास फोन कॉल आया और वह सीधे मुंबई पहुंच गया। वह इस सीजन में राजस्थान से जीतने वाला पांचवा प्रतिभागी है।
ब्यावर के साकेत नगर में रहने वाले उज्जव हिंदी साहित्य से एमए हैं। उसके बाद वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ ही परिवार के कामों में हाथ बटाते हैं। केबीसी के प्ले अलोंग सेक्शन में लगभग हर दिन पूछे जाने वाले सवालों के वे लगातार फोन के जरिए जवाब दे रहे थे। पिछले दिनों उन्हें पता चला कि वे देश भर के 250 प्रतियोगियों में शामिल हो गए हैं। इसके बाद उनके पास केबीसी से फोन आया और उस फोन कॉल ने उज्जवल की किस्मत बदल दी।
उज्जवल का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं खास तौर पर यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान हर दिन कई घंटे लगातार पढ़ाई करते रहे हैं। ऐसे में लगभग सभी सवालों के जवाब उनको पता थे। पचास लाख जीतने के बाद आगे के सवाल कुछ रिस्की लगे तो उन्होनें खेल को छोड़ना ही उचित समझा। उज्जवल कैम्पेनियन के तौर पर अपनी दादी नौरती देवी को लेकर मुंबई पहुंचे थे।