निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए कुछ लोग कर रहे दुष्प्रचार। सांवरलाल से कभी नहीं रहा मनमुटाव ।
किसान से उद्यमी तक का सफर तय कर दूसरी बार विधायक बने भागीरथ चौधरी का कहना है कि पूर्व मंत्री और वर्तमान सांसद सांवरलाल जाट से उनका कोई मनमुटाव नहीं है। निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए कुछ लोग ऐसा दुष्प्रचार कर रहे हैं। संडे इंटरव्यू में विधायक चौधरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
पत्रिका : सुना है पूर्व मंत्री सावरलाल जाट से आपकी बनती नहीं है। इसमें कितनी सच्चाई है?
चौधरी : निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए कुछ लोग ऐसा दुष्प्रचार कर रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है। सांवरलाल जाट से मेरे अच्छे संबंध हैं।
पत्रिका : आप दो बार विधायक बने, लेकिन आपको मंत्री नहीं बनाया गया?
जवाब : मंत्री बनाना और नहीं बनाना, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। जनता ने सेवा के लिए चुनकर भेजा और जनता की सेवा कर रहे हैं।पत्रिका : आप खुद में सबसे बड़ी कमी और अच्छाई क्या मानते है?
जवाब : मेरी सबसे बड़ी कमी यह है कि मैं स्पष्ट बोलता हूं और ऐसे में कभी कोई बात किसी को बुरी लग जाती होगी। अच्छाई तो क्या बताऊं, प्रयास रहता है कि हर समस्या का समाधान करूं।
पत्रिका : विधायक कार्यकाल में क्या मलाल रहा?
जवाब : पिछली बार किशनगढ़ के शहरी पेयजल योजना को सुधारने के लिए प्रयास किए और योजना बनाकर राशि भी स्वीकृत कराई लेकिन कुछ नहीं हुआ इसका मलाल रहा। लेकिन इस कार्यकाल में 62 करोड की लागत से नसीराबाद किशनगढ़ पेयजल लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया और शेष 129 करोड़ की योजना स्वीकृत हो गई।
पत्रिका : फिटनेस का राज?
जवाब : तड़के चार बजे उठता हूं और रात्रि ग्यारह बजे सोता हूं। बीस साल से रात्रि नौ बजे बाद कुछ नहीं खाता। चाय, कॉफी, सुपारी, तम्बाकू, शीतल पेय आदि का सेवन तक नहीं करता। मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ता और खेतों में भी काम कर लेता हूं।पत्रिका : आपको कोई शौक?
जवाब : मैं फुटबॉल, कबड्डी व कुश्ती के खेल का शौकीन हूं और जब भी समय मिलता है तो यह शौक पूरे करता हूं। मैं आज भी पांच घंटे रोजाना सोने के समय को छोड़कर शेष बचे 19 घंटे काम करता हूं। सांदोलिया में हुई दुर्घटना के समय जब मैं 90 फीट गहरी खदान में उतरा तो लोगों ने ताज्जुब किया।
पत्रिका : पंचायती राज उपचुनाव में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा?
जवाब : स्थानीय चुनाव थे और स्थानीय मु्ददे अहम रहे। लेकिन किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में मामूली वोटों से हार हुई है। क्षेत्र में सिलोरा व अरांई के प्रधान, उपप्रधान, किशनगढ़ नगर परिषद के सभापति व उपसभापति भाजपा से बने है।
किराणे की दुकान भी चलाई
विधायक चौधरी का जन्म निकटवर्ती ग्राम मानपुरा की ढाणी (नरवर) में 16 जून 1954 को हुआ। पिता रामचंद्र चौधरी किसान थे। उनके काका दुकान करते थे। चौधरी ने चौथी क्लास तक की पढ़ाई गांव में ही। पांचवी से आठवीं तक की पढ़ाई छह किमी दूर पैदल जाकर अरड़का से पूरी की। नवीं व दसवीं कक्षा की पढ़ाई गगवाना से की। हायर सैकंडरी किशनगढ़ से की। उसके बाद कॉलेज शिक्षा किशनगढ़ से की लेकिन तृतीय वर्ष में बीमार होने व कामकाज में लगने से पढ़ाई छोड़ दी। सन् 1971 में किशनगढ़ आए और यहां पर किराणे की दुकान व बाद में माइन्स का काम शुरू किया।
छह साल की उम्र में शादी
विधायक चौधरी ने बताया कि उनकी पहली शादी छह साल की उम्र में ही हो गई थी। लेकिन पत्नी का एक साल के निधन हो गया। दूसरी शादी 19 साल की उम्र में हुई और 2013 में दूसरी पत्नी का भी देहांत हो गया। उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।