
सलीम वास्तविक का नया वीडियो वायरल...बोला तिहाड़ जेल से बाहर आ गया हूं, PC- Patrika
गाजियाबाद(Youtuber Saleem Vastik Viral Video) : 31 वर्ष पुराने चर्चित अपहरण और हत्या मामले में दोषी ठहराए गए यूट्यूबर सलीम वास्तिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बुधवार को उनका एक 44 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह समुदाय विशेष और मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और स्थानीय प्रशासन ने भी सलीम के जेल से रिहा होने या जमानत पर बाहर आने की जानकारी होने से इंकार किया है।
वायरल वीडियो में सलीम कथित तौर पर कहता नजर आ रहा है कि वह तिहाड़ जेल से बाहर आ चुका है और अब कुछ लोगों की योजनाओं को विफल करेगा। वीडियो में वह मुस्लिम समाज को शिक्षा और तरक्की की राह पर ले जाने की बात करते हुए कट्टरता का विरोध करता दिखाई देता है। वीडियो के अंत में वह 'जय हिंद' का नारा भी लगाता है।
सलीम वास्तिक का नाम वर्ष 1995 के उस सनसनीखेज अपहरण और हत्या कांड से जुड़ा है, जिसने दिल्ली में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। उस समय पूर्वोत्तर दिल्ली के एक व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 1997 में अदालत ने सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक और उसके साथी अनिल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन वर्ष 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद सलीम फरार हो गया और करीब 25 वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने लंबे समय तक चली तलाश के बाद 24 अप्रैल 2026 की रात सलीम को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार उसकी पहचान पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों के मिलान के आधार पर की गई। गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र से हुई थी। सलीम पैरोल पर छूटने के बाद भी फरार बताया जा रहा था।
फरारी के दौरान सलीम वास्तिक ने सोशल मीडिया और यूट्यूब की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उसने एक यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां वह इस्लाम धर्म की रूढ़िवादी प्रथाओं, कट्टरपंथ और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ खुलकर बोलता था। उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और उसे बड़ी संख्या में दर्शक मिलने लगे।
पहलगाम आतंकी हमले की आलोचना और ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में दिए गए बयानों के बाद भी वह चर्चा में रहा। इसी दौरान उसके समर्थकों और विरोधियों के बीच सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी।
27 फरवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित उसके कार्यालय पर दो हमलावरों ने कथित रूप से चाकू से हमला कर दिया था। आरोप है कि जीशान और गुलफाम नामक युवकों ने उसकी गर्दन और पेट पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इस घटना के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। पुलिस और एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाया।
हमले के मुख्य आरोपी जीशान को 1 मार्च 2026 को यूपी एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने लोनी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके दो दिन बाद 3 मार्च को दूसरे आरोपी गुलफाम को इंदिरापुरम के वसुंधरा इलाके में पुलिस मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया गया।
ताजा वायरल वीडियो को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। प्रशासन और जेल अधिकारियों ने सलीम के जेल से बाहर आने की पुष्टि नहीं की है। वहीं वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इसकी सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Updated on:
10 Jun 2026 10:21 pm
Published on:
10 Jun 2026 10:21 pm
