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Asian games 2018 : एशियाई खेलों में भारतीय टीम की सेहत का ध्यान रखता है राजस्थान का यह बेटा

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Updated: 25 Aug 2018, 3:08 PM IST
kishangarh's boy taking care of indian team in Asian games
एशियाई खेलों में भारतीय टीम की सेहत का ध्यान रखता है राजस्थान का यह बेटा

कालीचरण/मदनगंज-किशनगढ . इंडोनेशिया के जकार्ता शहर में खेले जा रहे 18 वें एशियाई खेलों में भाग ले रही भारत की वॉलीबॉल टीम की सेहत की देखभाल का जिम्मा किशनगढ़ के दिग्विजयसिंह के हाथों में है। इन दिनों वह फिजियोथैरेपिस्ट के रूप में भारतीय टीमों के साथ फिलहाल जकार्ता में हैं और हमारे खिलाडिय़ों को फिट रहने के मूलमंत्र सीखा रहे हैं। महिला टीम के फिजियोथैरेपिस्ट के उपलब्ध नहीं होने के कारण वह महिला खिलाडिय़ों का भी सहयोग कर रहे हैं।

किशनगढ़ निवासी फिजियोथैरेपिस्ट दिग्विजयसिंह राठौड़ पुरुष वर्ग की वॉलीबॉल टीम की फिटनेस बनाए रखने में खिलाडिय़ों के साथ पसीना बहा रहे हैं। साथ ही देश के वॉलीबॉल खिलाडिय़ों को अपनी सेहत और अधिक सेहतमंद बनाने के टिप्स भी दे रहे हैं। वह खिलाडिय़ों को किसी भी प्रकार की शारीरिक पीड़ा होने पर उनका तत्काल उपचार करने और देखभाल करने में जुटे हैं। महिला वर्ग की टीम के फिजियोथैरेपिस्ट के उपलब्ध नहीं होने के कारण पुरुष वर्ग के साथ महिला टीम की सेहत सुधारने का भी जिम्मा राठौड़ को ही सौंपा गया है।

26 वर्षीय सिंह ने अपनी स्कूली शिक्षा केडी जैन स्कूल और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से की है। वर्ष 2014 में जयपुर से बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी का कोर्स किया और फिजियोथैरेपी एंड रिहेबिलिटेशन इन स्पोट्र्स में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

फिजियोथैरेपिस्ट सिंह ने जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इंटर्नशिप की और 19वीं यूथ नेशनल वॉलीबॉल चैम्पियनशिप में फिजियोथैरेपिस्ट के रूप में कार्य किया। सिंह ने नेशनल एवं इंटरनेशनल मैराथन, साइकिल मैराथन और नवंबर 2017 में कतर में खेली गई वॉलीबॉल मैच में फिजियो रहे। नेशनल स्पोट्र्स एकेडमी पटियाला में भारतीय वॉलीबॉल टीम के प्रशिक्षण शिविर में युवा खिलाडिय़ों को तराशने का काम भी किया है।

मूलत: देवपुरी के है सिंहदिग्विजयसिंह राठौड़ दिलीप कॉलोनी के रहने वाले हैं और पैतृक गांव देवपुरी है। पेशे से शिक्षक रहे पिता जालमसिंह राठौड़ ने ही दिग्विजयसिंह को फिजियो बनने के लिए प्रोत्साहित किया था। आज वह अपने इस मुकाम का सारा श्रेय पिता जालमसिंह को ही देते हैं। चीफ कोच डॉ. वीरसिंह यादव के साथ दिग्विजयसिंह राठौड़ अभी काफी व्यस्त हैं।

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