महिलाओं-बच्चों, अधिकारियों-युवाओं ने बरसों पुराने पतंग उड़ाने के शौक को पूरा किया।
अजमेर. अजमेर का आसमान शनिवार को रंगबिरंगी पतंगों से इठला उठा। पतंगबाजों के उत्साह, जोश और हुनर देखकर पौष की सुनहरी धूप और पुरवई भी खुशनुमा संदेश लाई। फिजा में उधर ढील दे.... वो काटा....इधर घुमा....की आवाजें गूंजती रही। कई महिलाओं-बच्चों, अधिकारियों-युवाओं ने बरसों पुराने पतंग उड़ाने के शौक को पूरा किया। कई लोग नायाब हुनर सीखने और खूबसूरत नजारे को देखने पहुंचे। स्मारक विवेकानंद स्मारक पर राजस्थान पत्रिका और अजमेर विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में पहली बार आयोजित काइट फेस्टिवल इन नजारों का साक्षी बना।
सफेद कोहरे के बीच सुनहरी धूप खिलते ही अजमेरवासी रंगबिरंगी पतंगें लेकर विवेकानंद स्मारक पर जुट गए। कोई पतंग पर नायाब पेंटिंग बनाकर लाया तो किसी की पतंग पर कोरोना जागरुकता संदेश लिखा दिखा। औंकारसिंह मेमोरियल बीएड कॉलेज की छात्राओं, बच्चों और युवाओं ने चली-चली रे पतंग मेरी..., ले फोटू ले... और अन्य गीतों पर जमकर नृत्य किया।
आसमान में लड़ाए पेच
कई हुनरमंद पतंगबाजों ने आसमान में पतंगों से पेच लड़ाए। सद्दा-मांजा और चर्खी लेकर वे स्मारक से रंगबिरंगी पतंगें उड़ाई। 15 साल से कम उम्र के बच्चों ने स्पाइडरमैन, छोटा भीम, डोरेमोन, टॉम एंड जैरी आकृति वाली पतंगें उड़ाई। महिलाओं-बालिकाओं ने भी रंगबिरंगी पतंगों को उड़ाकर अपना हुनर दिखाया।
दिल्ली से लाए शानदार पतंगें
मनोज-देवेंद्र, सपना, हर्ष और प्रशांत श्रीवास्तव दिल्ली से खासतौर पर खुद की बनाई पतंगें लेकर काइट फेस्टिवल में आए। उन्होंने एक डोर में बंधी 12 पतंग, 20 फीट की पतंग उड़ाकर रोमांचित कर दिया। श्रीवास्तव परिवार अहमदाबाद, लखनऊ, पंचकुला सहित कई शहरों में काइट फेस्टिवल में जा चुका है।