
अजमेर
मानसून (monsoon) अजमेर जिले पर खास मेहरबान नहीं हुआ है। जिले के बड़े जलाशय (dams of ajmer) अब तक खाली हैं। केवल 5 से 7 जुलाई तक झमाझम बरसात (heavy rain) हुई थी। उसके बाद अब जाते जुलाई में जिले के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। लेकिन छोटे और बड़े बांधों-तालाबों पानी की आवक का इंतजार है।
प्रदेश और जिले में मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितम्बर यानि 122 दिन (आषाढ़, सावन, भादौ और आश्विन) तक मानी जाती है। इस लिहाज 59 दिन (59 days) निकल चुके हैं। अब मानसून के केवल 63 दिन बचे हैं।
सात साल से कम बारिश..
मानसून पिछले सात साल में अजमेर जिले पर ज्यादा मेहरबान (low rainfall)नहीं हुआ है। इस बार भी जिले के कई जलाशयों में तो नाम मात्र का पानी (ater crisis) पहुंचा है। साल 2012 में 520.2, 2013 में 540, 2014 में 545.8, 2015 में 381.44, 2016 में 512.07, 2017 में 450 और 2018 में करीब 350 मिलीमीटर बरसात ही हो पाई थी।
अभी इन जलाशयों में पानी (फीट में)
आनासागर 11, फॉयसागर 2.2, पुष्कर 6, अजगरा 3.6, ताज सरोवर अरनिया 8.6, खानपुरा 3.6, जवाजा 3.4, बूढ़ा पुष्कर 6.6, बांके सागर 1.8
जिले में खाली पड़े हैं यह बांध-तालाब
ऊंटड़ा, रामसर, बीर, फूलसागर कायड़, रूपनगढ़, शिवसागर न्यारा, फूलसागर जालिया, राजियावास मकरेड़ा, गोविंदगढ़, मदन सरोवर धानवा, मूंडोती, पारा प्रथम और पारा द्वितीय, लसाडिय़ा, बसूंदनी, नाहर सागर पीपलाज, लोरडी सागर, नारायण सागर खारी, डेह सागर बड़ली, न्यू बरोल, मान सागर जोताया, भीम सागर तिहारी, खानपुरा, चौरसियावास, खीरसमंद रामसर, लाकोलाव टैंक हनौतिया , पुराना तालाब बलाड़ , जवाजा तालाब, काली शंकर तालाब, देलवाड़ा तालाब,, छोटा तालाब चाट , मदन सागर डीडवाडा,, कोडिय़ा सागर अरांई, जवाहर सागर सिरोंज, सुरखेली सागर अरांई, बिजयसागर लाम्बा, विजयसागर फतेहगढ़, विजयनगर आकोडिय़ा, किशनसागर गागूंदा, सिंदूर सागर, गज सागर, गोविंग सागर, भगवंतिया सागर, जड़ जोडला, रतनसागर देवरिया, सावर सागर दोथली, नया सागर मोठी