अजमेर

गुप्त यात्रा पर अजमेर आए थे महात्मा गांधी : दूध पीकर सोये , सुबह उठकर जब निकले घर से तो कहा किसी से कहना नहीं मैं आया था

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Oct 02, 2018
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गुप्त यात्रा पर अजमेर आए थे महात्मा गांधी, दूध पीकर सोये सुबह उठकर जब निकले घर से तो कहा किसी से कहना नहीं मैं आया था

अमित काकड़ा/अजमेर. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक बार गुप्त यात्रा पर अजमेर आए थे। इस यात्रा की जानकारी उनके करीबियों को ही थी। रात में बापू शहर की तंग गलियों से गुजरते हुए रास्ता भटक गए और एक नोहरे में जा पहुंचे। वहां उनके प्रशंसक माणकचंद सोगानी ने उन्हें पहचान लिया और बापू ने रात उन्हीं के घर गुजारी। सोगानी वर्ष 1972 में अजमेर पूर्व से विधायक रह चुके हैं।

दिवंगत सोगानी के पुत्र सुधीर सोगानी ने बताया कि आज भी उनके पिता की ओर से सुनाया गया वह किस्सा याद है। बात वर्ष-1930 की है। खजाने के नोहरे में स्थित उनके पुराने घर में रात करीब 11 बजे उनके पिता माणकचंद सोगानी झरोखे में बैठे थे। तभी अचानक उनकी नजर गांधीजी पर पड़ी। उन्होंने झरोखे से ही आवाज दी बापू आप यहां कैसे? वे नीचे उतरे और गांधीजी से बात की। तब पता चला कि गांधीजी खजाना गली से कहीं जा रहे थे, तो रास्ता भटककर नोहरे में आ गए।

उन्होंने गांधीजी को घर पर बुलाया और गांधीजी से आग्रह किया कि आज रात आप यहीं विश्राम करें और वे मान गए। गांधीजी को घर में देखकर उनके दादा दिवंगत नेमीचंद सोगानी, चाचा निहालचंद और चाची अनूप कंवर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर में घुसते ही गांधीजी ने कुछ भी विशेष इंतजाम करने से मना कर दिया। गांधीजी ने दूध पिया और सो गए। तडक़े ही घर से चले गए। जाते-जाते उन्होंने माणकचंद सोगानी को उनकी यात्रा का किसी से भी जिक्र नहीं करने की हिदायत दी, क्योंकि उस जमाने की अंग्रेज राज की पुलिस उनके परिवार को परेशान करती।

इस घटना के कई दिनों बाद स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत ज्वालाप्रसाद शर्मा ने माणकचंद सोगानी की प्रशंसा भी की। सोगानी ने अपने परिवार से भी आजादी के बाद यह किस्सा साझा किया। सुधीर सोगानी ने बताया कि आज भी उनके स्मृति पटल पर यह किस्सा अमर है। यह सौभाग्य की बात है कि गांधीजी उनके घर रुके। उल्लेखनीय है कि विधायक माणकचंद सोगानी नगर परिषद सभापति, नगर विकास न्यास अध्यक्ष रह चुके हैं।

Published on:
02 Oct 2018 02:28 pm