
पुष्कर . छोटी बस्ती में देवनारायण मंदिर के पास स्थित नोहरेनुमा समाधिस्थल को लेकर न्यायालय में विवाद लम्बित होने के कारण शव को दफनाने को लेकर विवाद हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में विवादित नोहरे में शव दफनाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बंशीधर जती ने नोहरे को लेकर पुष्कर कोर्ट में भंवर गिरी, मैना गिरी व अन्य के खिलाफ एक वाद पेश किया था। इसमें बताया गया था कि नोहरे को श्मशान के रूप में काम मे लेकर पूर्वजों को समाधिस्थ किया जाता है। वाद में इस नोहरेनुमा श्मशान में किसी प्रकार का निर्माण व रेस्टोरेन्ट नहीं चलाने के आदेश देने की मांग की गई थी। पुष्कर कोर्ट ने बंशीधर की प्रार्थना खारिज कर दी। इस आदेश के खिलाफ अतिरिक्त जिला जज कोर्ट में अपील दायर की गई जो वर्तमान में लम्बित है। शनिवार को अपीलार्थी के पक्षकार भंवरगिरी की मृत्यु होने पर उनके शव को इसी नोहरे में समाधिस्थ करने को लेकर एक बार फिर विवाद हो गया। बंशीधर ने मौके पर पहुंचकर शव दफनाने से पूर्व इस नोहरे में दोनों पक्षकारों की ओर से किसी प्रकार का निर्माण नही कराने तथा इस नोहरे का उपयोग केवल समाधिस्थल शमशान के रूप में करने की लिखित सहमति करने पर जोर दिया। विवाद बढऩ़े पर थाने से सहायक उपनिरीक्षक नाथूलाल मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। बंशीधर ने पूरा वाकया बताते हुए पुलिस से मदद मांगी। आरोप है कि पुलिस ने बंशीधर की कोई मदद नही की। पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में विवाद लम्बित होने के बाद भी भंवरगिरी के शव को इस विवादित नोहरे में दफना दिया गया।
मृतक भंवर गिरी के पुत्र ने थाने में एक प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि उसके परिवारजन का एक नोहरा है इसमें उनके परिजन के दिवंगत होने पर अंतिम संस्कार किया जाता है। पत्र में बताया गया कि उसके पिता भंवर गिरी के शव को नोहरे में दफनाने का विरोध किया जा रहा है। इस पर मौके पर गए तथा शव का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण हो गया है। पत्र में भंवर गिरी के पुत्र ने यह भी लिखित में दिया है कि वे इस नोहरे का उपयोग अन्य कार्य के लिए नही करेंगे। बंशीधर जती ने किसी प्रकार की मदद नही मांगी।
- नाथू लाल, सहायक उपनिरीक्षक पुलिस पुष्कर