एशिया की सबसे बड़ी किशनगढ़ मार्बल मंडी में अब चीन ने भी घुसपैठ कर ली है। मोरवड़ एवं विदेशी मार्बल के साथ चीन ने खुद का तैयार किया गया मार्बल पत्थर (नेनो वाइट) मार्बल मंडी में उतार दिया है। शाइनिंग युक्त इस मार्बल पत्थर ने तीन साल में ही 300 प्रतिशत से अधिक का बाजार बना लिया है।
एशिया की सबसे बड़ी किशनगढ़ मार्बल मंडी में अब चीन ने भी घुसपैठ कर ली है। मोरवड़ एवं विदेशी मार्बल के साथ चीन ने खुद का तैयार किया गया मार्बल पत्थर (नेनो वाइट) मार्बल मंडी में उतार दिया है। शाइनिंग युक्त इस मार्बल पत्थर ने तीन साल में ही 300 प्रतिशत से अधिक का बाजार बना लिया है।
बढ़ती मांग को देखते हुए मंडी में कई मार्बल उद्यमी इसका आयात करने लगे हैं। खिलौनों, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और पावरलूम कपड़े के बाद अब चीन ने भारत के बाजार में मार्बल पत्थर का व्यापार शुरू किया है।
चाइना का यह कृत्रिम मार्बल शुरुआत में तो यह मात्र सफेद रंग (पोपूलर मेटर) में आयातित किया जा रहा था, लेकिन अब कई रंगों में उपलब्ध है। यह मार्बल पूर्णत: कृत्रिम (कम्पोजिट) है जो कि क्वाट्र्स एवं सिरका के मिश्रण से तैयार होता है।
इससे पहले इटली, टर्की, वियतनाम, पुर्तगाल, इजिप्ट समेत अन्य देशों से मार्बल व ग्रेनाइट मंडी में लाया जाता रहा है। चाइना के मार्बल की खासियत यह है कि मौसमी फेरबदल और गर्म अथवा तेल वगैरह से इसे नुकसान नहीं होता है।
मल्टीपरपज यूज
चाइना का यह मार्बल केवल फर्श या दीवारों पर उपयोग में नहीं लाया जाता, बल्कि यह पत्थर मकान की बाह्य और भीतरी दीवारों, फर्श, किचन, बॉथरूम, वॉश बेसिन, डायनिंग टेबल, योगा रूम, पूजा रूम, पोर्च एवं लगभग सभी जगह लगाया जा सकता है।
यही नहीं यह पत्थर मोल्डिंग है। इससे अन्य पत्थरों की भांति कोई सजावटी वस्तु भी बनाई जा सकती है। लेकिन फिलहाल भारत में स्लैब ही आयात किए जा रहे हैं। इसका मकान निर्माण में फर्श समेत अन्य सभी जगह उपयोग किया जा रहा है। इस पत्थर का 10 फीट लम्बाई और 5 फीट चौड़ाई एवं करीब 18 से 20 सेमी मोटाई का स्लैब बाजार में उपलब्ध है। बाजार में इसकी कीमत करीब 180 से 210 रुपए प्रति स्क्वायर फीट है।
तीन साल में बढ़ाया बाजार
मार्बल उद्यमी राकेश पाटनी ने बताया कि तीन साल पहले चाइना का यह मार्बल पत्थर आयातित किया गया। शुरुआती समय में करीब 20 कंटेनर माल की खपत हो रही थी। मांग को देखते हुए अब 50 से 60 कंटेनर माल आयात किया जा रहा है। एक कंटेनर की क्षमता औसतन 5600 फीट मार्बल की है।
घिसाई की जरूरत नहीं
चीन का मार्बल पूर्णत: कम्पोजिट है। यह काफी आकर्षक, चमकीला और थिकनेस भी अधिक है। यह पूर्णत: फिनिश मार्बल होता है जिसे सीधे उपयोग में लाया जा सकता है और घिसाई नहीं होने से मजदूरी लागत भी कम होती है।
इनका कहना है....
चीन से आयातित मार्बल (नेनो वाइट) पूर्णत: कम्पोजिट है। यह काफी चमकीला और आकर्षक दिखाई देता है। इसकी कृत्रिम चमक को देख कर लोग इसकी तरफ आकर्षित होते हैं। मजबूती में प्राकृतिक मार्बल ही श्रेष्ठ है।
- सुरेश टांक, अध्यक्ष, मार्बल एसोसिशन, किशनगढ़