
अजमेर. परीक्षा में तनाव और घबराहट की कोई आवश्यकता नहीं है। एकाग्रता, निरंतर और नियमित अध्ययन करने से परीक्षाओं में कभी परेशानी नहीं होती है। यह कहना है, राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता शिक्षक वर्तिका शर्मा का। उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षाओं से घबराने-डरने के बजाय उसे उत्साहपूर्वक समझने, योजनाबद्ध तैयारी और सटीक उत्तर लेखन जैसी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया है।
प्रश्न समझें, सटीक उत्तर दें
परीक्षा में सबसे अहम उत्तर लेखन हेाता है। विद्यार्थी अपनी तैयारी पर पूर्ण विश्वास रखते हुए प्रश्न को पढ़ें और उत्तर दें। सटीक उत्तर लिखने के लिए श्रेष्ठतम विद्यार्थियों और शिक्षकों से चर्चा करें। परीक्षा पूर्व तैयारी में कठिनाइयों को सबसे पहले चिन्हित करें। कई शैक्षिक वीडियो भी मददगार साबित हो सकते हैं।
समय प्रबंधन बहुत आवश्यक
परीक्षा और विषयवार तैयारी में समय प्रबंधन आवश्यक है। विषयों को पढऩे का टाइम-टेबल बनाएं और उनकी तैयारी करें। अनावश्क के बजाय अनिवार्य-आवश्यक बिंदुओं पर ध्यान दें। निर्धारित पाठ्यक्रम और अच्छे लेखकों की पुस्तकें से पढ़ें तो विषय अच्छे ढंग से समझ पाएंगे। कहीं भी दिक्कत होने पर शिक्षकों से संपर्क में रहें।
संगीत सुनें, योग करें
वर्तिका ने बताया कि परीक्षा तैयारी लगातार करने से मस्तिष थकता है। विद्यार्थी चाहें तो संगीत सुनें या फिट रहने के लिए योग कर सकत हैं। इससे थकान दूर होने के साथ स्फूर्ति मिलेगी। परीक्षा के दौरान आठ घंटे की अच्छी नींद लें और भोजन में पौष्टिक आहार लें।