MDSU:अभी विद्यार्थी या आगंतुक को बैंक, पोस्ट ऑफिस या कोई काम हो तो उसे इधर-उधर भटकना पड़ता है।
विद्यार्थियों को सत्र 2019-20 में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में एक छत के नीचे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां नवनिर्मित मंगलम भवन में बैंक, पोस्ट ऑफिस, इंटरनेट और अन्य सुविधाएं प्रारंभ होने की उम्मीद है। बैंक और विश्वविद्यालय में एमओयू हो चुका है।
विश्वविद्यालय ने बहुउद्देशीय और अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त मंगलम भवन बनवाया है। आधुनिक तकनीकी वाले भवन का 1 अगस्त 2017 को दीक्षांत समारोह पर आए राज्यपाल कल्याण सिंह ने उद्घाटन किया था। तबसे विश्वविद्यालय भवन में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा सहित इंटनेट कियोस्क और अन्य व्यवस्थाएं भवन में संचालित नहीं कर पाया है। पिछले दिनों बैंक और विश्वविद्यालय के बीच एमओयू हुआ है।
अभी घूमते हैं विद्यार्थी...
विश्वविद्यालय परिसर में फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक की शाखा चाणक्य भवन के पिछवाड़े संचालित है। इसी तरह पोस्ट ऑफिस मोटर गैराज में संचालित है। फोटो-फैक्स इंटरनेट कियोस्क तो पिछले कई साल से बंद है। अभी विद्यार्थी या आगंतुक को बैंक, पोस्ट ऑफिस या कोई काम हो तो उसे इधर-उधर भटकना पड़ता है।
सुविधाएं मिलने की उम्मीद
मंगलम भवन में बैंक के निर्धारित हॉल सहित फोटो स्टेट, इंटरनेट, पोस्ट ऑफिस, छोटा केफेटेरिया और विद्यार्थियों के रुकने के लिए प्रतीक्षालय बनाया गया है। कैंपस में विभिन्न कोर्स में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं और आगंतुकों को इस भवन में सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मालूम हो कि पिछले साल तत्कालीन कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली ने सामान्य प्रशासन विभाग को भवन में जल्द सुविधाएं विकसित करने को कहा था। उनकी आकस्मिक मृत्यु के साथ प्रशासन ने प्रस्ताव को कागजों में दफन कर दिया था।
यह भी होने चाहिए शुरू....
विश्वविद्यालय की अनदेखी से कई भवन बदहाल हो रहे हैं। जबकि इन्हें बनाने में सरकार, यूजीसी और जनता की गाढ़ी कमाई लगी है। इनमें स्टाफ कॉलोनी के निकट बने परीक्षा नियंत्रक और कुलसचिव के क्वार्टर, शोधार्थियों के लिए बना याज्ञवलक्य भवन और बुक वल्र्ड, डेयरी पार्लर कियोस्क शामिल है। अगर इनकी सार-संभाल की जाए तो विद्यार्थियों, शोधार्थियों को लाभ होगा।