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अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में आंतरिक पदोन्नति संबंधित नियमों पर विचार-विमर्श के लिए हाल में कमेटी की बैठक हुई। इसमें पूर्व नियमों, पदोन्नति प्रक्रिया और अन्य मामलों पर चर्चा की गई।
पूर्व कुलपति विजय श्रीमाली की अध्यक्षता में बीते साल 30 जून को विश्वविद्यालय की प्रबंध मंडल की बैठक हुई थी। इसमें इसमें राजभवन द्वारा निर्धारित समान परीक्षा शुल्क, स्टाफ के सातवें वेतनमान के फिक्सेशन जैसे मुद्दे शामिल किए गए। इसके अलावा प्रबंध मंडल ने 50 फीसदी आंतरिक पदोन्नति का फैसला किया। इसके लिए प्रो. शिवदयाल सिंह और प्रो. प्रवीण माथुर की कमेटी भी बनाई गई। लेकिन प्रो. श्रीमाली की आकस्मिक मृत्यु के बाद मुद्दे फाइलों में दफन हो गए।
छह महीने बाद हुई बैठक
आंतरिक पदोन्नति संबंधित मामले को लेकर गठित प्रो. माथुर और प्रो.सिंह की कमेटी की छह महीने बाद बैठक हुई। इसमें पदोन्नति प्रक्रिया, पूर्व नियम-प्रक्रिया, अन्य विश्वविद्यालयों में पदोन्नति नियम पर चर्चा हुई। कमेटी फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। अलबत्ता आगामी समय कमेटी की कुछ और बैठक होने की उम्मीद है। वैसे भी कुलपति की गैर मौजूदगी के चलते इस पर फैसला होना मुश्किल है।
बॉम होनी भी मुश्किल
बीते पांच महीने में विश्वविद्यालय में हालात काफी बिगड़ चुके हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज करने पर रोक लगाई हुई है। बॉम के सदस्य और तत्कालीन भाजपा विधायकों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके अलावा प्रोफेसर कोटे से एक सदस्य का पद रिक्त है। इसके चलते नए विधायकों, सदस्यों की तैनाती जरूरी है। कुलपति पद भी तलवार लटकी हुई है।
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