अजमेर

MDSU Ajmer कुलपति के बगैर इस बार भी दीक्षांत समारोह मुश्किल

पिछले साल भी नहीं हो पाया था दीक्षान्त समारोह, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल सहित कई हस्तियां आ चुकी है दीक्षांत समारोह में
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Updated: 3 Jul 2019, 12:59 PM IST
mdsu prize giving ceremony will not be organize due to issues
MDSU Ajmer कुलपति के बगैर इस बार भी दीक्षांत समारोह मुश्किल

प्रतिवर्ष दीक्षान्त समारोह कराने के राज्यपाल के आदेश महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में पूरे होते नहीं दिख रहे। पिछले साल तत्कालीन कुलपति के निधन के चलते समारोह नहीं हुआ था। अब मौजूदा कुलपति के कामकाज पर लगी रोक के चलते राह मुश्किल दिख रही है।
विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 1 अगस्त को होता है। इसी दिन विश्वविद्यालय ने दीक्षान्त समारोह की तिथि भी तय की है। पिछले साल नवां दीक्षान्त समारोह 1 अगस्त को होना था। इसमें कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व चेयरमेन अनिल खंडेलवाल को बुलाया जाना प्रस्तावित था। इसी दौरान 21 जुलाई को तत्कालीन कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली का निधन हो गया। इसके चलते राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने समारोह स्थगित कर दिया। तबसे समारोह अटका हुआ है।

बनी हुई है ये दिक्कत...

राज्यपाल कल्याण सिंह ने बीते वर्ष 6 अक्टूबर को प्रो. आर. पी. सिंह को विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया था। लेकिन 11 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कुलपति के कामकाज पर रोक लगा दी। रोक की अवधि पिछली कई सुनवाई में बढ़ते हुए 12 जुलाई तक तक पहुंच गई है। एक्ट के अनुसार कुलपति की मौजूदगी में ही विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह सहित प्रबंध मंडल, एकेडेमिक कौंसिल की बैठक करा सकता है।

हर साल कराना है समारोह
राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने 2014 में कार्यभार संभालने के बाद सभी विश्वविद्यालयों को आदेश जारी किया था। इसमें प्रतिवर्ष दीक्षान्त समारोह का आयोजन कर डिग्री और पदक बांटने को कहा गया। इसकी अनुपालना में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय दीक्षान्त समारोह का आयोजन कर रहे हैं। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने भी 2015 से 2017 तक लगातार दीक्षान्त समारोह कराए हैं।

अब तक हुए दीक्षान्त समारोह और अतिथि

1997-98-पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
1998-99-नानाजी देशमुख

2001-02-जस्टिस लक्ष्मणनन
2004-पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील (तब राज्यपाल) एवं मुरली मनोहर जोशी

2009-पूर्व विदेश मंत्री कर्ण सिंह एवं राज्यपाल एस. के. सिंह
2015-राज्यपाल कल्याण सिंह

2016-राज्यपाल कल्याण सिंह
2017-राज्यपाल कल्याण सिंह एवं कैलाश सत्यार्थी

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