अजमेर

मेडिकल कॉलेज ने मांगी मेडिसिटी के लिए जमीन

कायड़ क्षेत्र में होगा निर्माण : मेडिसिटी के निर्माण पर 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे प्रशासनिक स्वीकृति जारी एडीए जुटा जमीन चिह्नित करने में
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Updated: 21 Jul 2019, 9:40 PM IST
Medical College seeks land for Medicity
अजमेर विकास प्राधिकरण

अजमेर. कायड़ क्षेत्र प्रस्तावित मेडिसिटी (Medicity)

बनाए जाने के लिए जेएलएन मेडिकल कॉलेज (jlnMedical College)

ने अजमेर विकास प्राधिकरण से जमीन मांगी (seeks land)है। मेडिकल कॉलेज Medical College seeks land forके प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ.वी.बी.सिंह ने इसके लिए लिए निर्धारित प्रपत्र में आवदेन किया है। मेडिसिटी के लिए 50 हजार स्क्वायर मीटर जमीन की आवश्यकता है। मेडिकल कॉलेज की मांग पर प्राधिकरण ने जमीन चिह्नित करने की कार्रवाई शुरु कर दी है। मेडिसिटी के निर्माण पर 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चिकित्सा शिक्षा (ग्रुप-1) इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर चुका है। मेडिकल कॉलेज के अनुसार वर्तमान में संचालित जेएलएन मेडिकल कॉलेज का स्थान परिवर्तन करने से जेएलएन अस्पताल का विस्तार मेडिकल कॉलेज परिसर में किया जा सकेगा जिससे आजमन को चिकित्सा सुविधाओं में लाभ प्राप्त होगा। वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेज में 150 छात्र-छात्राओं का प्रतिवर्ष प्रवेश किया जा रहा है जिसको अब रा’य सरकार से मान्यता प्राप्त होने के बाद 150 से 250 छात्र- छात्राओं का प्रवेश किया जाना प्रस्तावित है। जिसको ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाना है जिससे मेडिकल कॉलेज में अध्ययन करने आने वाले छात्र-छात्राओं को भी गुणवत्ता शिक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
यह होगा निर्माण

मेडिसिटी में एडमिनिस्टे्रटिव ब्लॉक, कॉलेज बिल्डिंग, कॉलेज कॉैंसिल हॉल, 4 लेक्चर थिएटर, सेंट्रल लाइब्रेरी, 2 एक्जामिनेशन हॉल, ऑडिटोरियम, यूजी बॉय व गल्र्स के लिए हॉस्टल, इन्टर्न बॉय व गल्र्स हॉस्टल, प्रिंसिपल के लिए बंगला, गेस्ट हाउस, बैंक, टेक्नीकल व नॉन टेक्नीकल स्टाफ के लिए क्वार्टर्स, सेंट्रल लैब, सेंट्रल फोटोग्राफिक सेक्शन, सेंट्रल वर्कशाप, सेंट्रल इनसिनेटर प्लांट,मेडिकल एजुकेशन यूनिट/ टे्रनिंग सेंटर, सेंट्रल रिसर्च लैब,आईटी सेल, प्ले ग्राउंड, स्वीमिंग पूल, जिम, वर्कशाप व इलेक्ट्रिक रूम, एसटीपी/ईटीपी, पम्प रूम, एनिमल हाउस,डिपार्टमेंट ऑफ ऑडियो विडियो एआईडी, एनाटोमी, फिजियोलॉजी, बायो केमेस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, फार्मोकॉलोजी, फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सीकॉलोजी, कम्यूनिटी मेडिसिन, ब्लड बैंक तथा सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

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