
Ajmer Nasirabad Highway: अजमेर-नसीराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घाटी क्षेत्र के 3.5 किलोमीटर लंबे बॉटल नेक को खत्म करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। वन विभाग से मंजूरी मिलने के बाद करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से सड़क को दो लेन से चार लेन में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई में करीब 7 मीटर की वृद्धि की जाएगी।
विभाग ने सड़क चौड़ीकरण के लिए सीमांकन कर छोटे खंभे लगाए हैं तथा मार्ग के दोनों ओर उगी झाड़ियों और निर्माण में बाधक मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। घाटी क्षेत्र में लगातार जेसीबी मशीनें चल रही हैं। सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद प्रतिदिन गुजरने वाले करीब 25 हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी तथा वर्षों पुरानी यातायात समस्या का समाधान होगा।
अजमेर-नसीराबाद मार्ग की घाटी क्षेत्र स्थित 3.5 किलोमीटर सड़क को चार लेन में विकसित करने का प्रस्ताव करीब तीन वर्षों से वन विभाग की स्वीकृति के लिए लंबित था। सड़क चौड़ीकरण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने और मंजूरी मिलने के बाद अब बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर उतर चुकी है। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस कार्य का इंतजार कर रहे थे।
अनुमानित करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से घाटी मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई में लगभग 7 मीटर की वृद्धि कर इसे दो लेन से चार लेन में विकसित किया जाएगा। कार्य की शुरुआत सीमांकन से की गई, जिसके तहत छोटे खंभे लगाए गए। इसके बाद सड़क किनारे की झाड़ियों, पत्थरों और मलवे को हटाने का काम शुरू हुआ। कई स्थानों पर जेसीबी मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं।
अजमेर से माखूपुरा और नसीराबाद तक अधिकांश मार्ग पहले ही चौड़ा हो चुका है, लेकिन घाटी का यह हिस्सा पूरे मार्ग की सबसे कमजोर कड़ी और सबसे बड़ा बॉटल नेक बना हुआ था। संकरी सड़क, तीखे मोड़ और भारी यातायात के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती थी तथा दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। फोरलेन निर्माण के बाद यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 25 हजार वाहन गुजरते हैं। सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद अजमेर, नसीराबाद, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर की ओर जाने वाले हजारों वाहन चालकों का सफर आसान होगा। यात्रा समय में कमी आएगी, जाम से राहत मिलेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारू हो सकेगी।