अजमेर

 गुणवत्ता के दम पर नया बाजार ने कमाया सालों से विश्वास

– पारंपरिक खरीदारी के साथ आधुनिकता का है मिश्रण – सर्राफ, पंसारी, बर्तन, वुडन, रंगरोगन व हार्डवेयर की बरसों पुरानी दुकानें – बर्तन व साडि़यों के साथ पटवा-गोटे की राखी, बंधेज वर्कदिलीप शर्मा अजमेर. अजमेर के ‘सेठों का बाजार’ कहे जाने वाला नया बाजार आज भी गुणवत्ता के दम पर 100 से अधिक सालों से विश्वास […]

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Oct 21, 2024
naya bazar

- पारंपरिक खरीदारी के साथ आधुनिकता का है मिश्रण

- सर्राफ, पंसारी, बर्तन, वुडन, रंगरोगन व हार्डवेयर की बरसों पुरानी दुकानें

- बर्तन व साडि़यों के साथ पटवा-गोटे की राखी, बंधेज वर्कदिलीप शर्मा

अजमेर. अजमेर के ‘सेठों का बाजार’ कहे जाने वाला नया बाजार आज भी गुणवत्ता के दम पर 100 से अधिक सालों से विश्वास कायम रखे हुए है। यहां बनी हवेलियां व पारंपरिक सर्राफा दुकानें, गद्दी पर बैठे सुनार हेंडमेकिंग ज्वैलरी, पटवा आदि के काम अपने ही अंदाज में करते नजर आते हैं।केबिनों में ही दुकानें चलती थीं, इसी में जेवर बनाते थेतीन गुणा छह की छोटी सी केबिन में सुनार की दुकान करने वाले राजीव जैन ने बताया कि उनकी दुकान नया बाजार चौपड़ पर 80 साल से भी अधिक पुरानी है। उनके दादा तन्नालाल व दत्तक पुत्र पूनमचंद तथा अब वह अपने पैतृक धंधे को चला रहे हैं। उनकी दुकान के पास एक लैटर बॉक्स भी हुआ करता था। समय समय पर सड़क को चौड़ा करने के नाम पर उनकी दुकान छोटी होती गई। हालांकि नयाबाजार चौपड़ में सभी दुकानें बिल्डिंग लाइन में हैं केवल टिन शेड व चबूतरे आगे हैं। अजमेर के नया बाजार में करीब 100 दुकानें सर्राफा व पटवा कार्य की हैं।तब सोना 5 हजार रुपए तौला, चांदी 3 हजार रुपए किलो

जब वह दुकान पर बैठने लगे थे तब सोने का भाव 5 से 7 हजार रुपए प्रति तौला हुआ करता था। चांदी तीन हजार रुपए किलो थी। आज चांदी लाख रुपए प्रति किलो, सोना 80 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। शोरूम खुलने से 20 से 25 प्रतिशत धंधा कम हुआ है। शहर में पार्किंग आदि की समस्या भी एक कारण है।

हार्डवेयर, पेंट, बर्तन व पंसारी की दुकानें

नया बाजार में हार्डवेयर व कारपेंटर की बरसों पुरानी दुकानें हैं। इसके अलावा पेंट डिस्टेंपर, बर्तन व अब कुछ सालों से साडि़यों के शोरूम भी खुल गए हैं। विवाह संस्कार या धार्मिक कार्य के लिए पंसारी की पुरानी दुकानें आज भी चलती हैं। यहां आयुर्वेदिक औषधियां, मसाले, हवन सामग्री आदि जरुरत की सभी सामग्री उपलब्ध है।चुनिंदा विक्रेता-चुनिंदा ग्राहक, हाई क्वालिटीखास बात यहां सब्जी से लेकर चाट-पकौड़ी तक में गुणवत्ता रखी जाती है। सुबह सवेरे पुष्कर क्षेत्र से आने वाले फालसे, जामुन केरी, नींबू सहित मौसमी फल व ताजा सब्जी के विक्रेता सुबह दो-तीन घंटे ही फुटपाथ पर आते हैं और इतने में ही उनका सारा माल बिक जाता है।

Published on:
21 Oct 2024 11:10 pm
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