
अजमेर. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब कच्ची बस्ती के पट्टे जारी किए जाएंगे। नगरीय विकास विभाग ने प्रशासन शहरों के संग अभियान-2021 में कच्ची बस्ती के पट्टे जारी करने के सम्बन्ध में तथ्य स्पष्ट किए हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2005 में बनाई गई नीति अनुसार कच्ची बस्तियों का नियमन कर पट्टे जारी किए जाएंगे। 15 अगस्त 2009 से पूर्व की कच्ची बस्ती के पट्टे ही जारी होंगे। नियमन के लिए कब्जे की कटऑफ डेट 15 अगस्त 2009 तय की गई है। कट ऑफ डेट निवास करने वाले परिवारों को ही पट्टे जारी किए जाएंगे। उन्हें कब्जे से सम्बन्धित पानी-बिजली का बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड सहित ऐसा कोई दस्तावेज जो यह साबित करता हो कि व्यक्ति 15 अगस्त 2009 से पहले से रहा रहा हो प्रस्तुत करना होगा। कच्ची बस्ती के मकान/ जमीन के सामने 15 फीट का रोड आवश्यक है।
इन्हें जारी नहीं होंगे पट्टे
ऐसी कच्ची बस्तियां जो कि सुविधा क्षेत्र (पार्क , खेल मैदान, रास्ता, खुली भूमि, सार्वजनिक (सरकारी) भूमि के लिए आरक्षित भूमि, वन भूमि, नदी, नाले, तालाब एवं अन्य प्रतिबन्धित क्षेत्र में स्थित हैं में पट्टे जारी नहीं किए जाएंगे। इस तरह सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बसाई बस्तियां नियमित नहीं की जाएंगी। कच्ची बस्ती के नियमन के लिए एडीए ने उपायुक्त अरूण कुमार जैन को प्रभारी बनाया है।
यह है कच्ची बस्ती के नियमन की दरें
1-50 वर्गगज में नगर निगम क्षेत्र के लिए 20 रुपए, नगर परिषद के लिए 15 रुपए तथा नगर पालिका क्षेत्र के लिए 10 रुपए निधारित की गई है। 51-110 वर्ग गज के लिए नगर निगम क्षेत्र के लिए 40 रुपए, नगर परिषद के लिए 30 रुपए तथा नगर पालिका क्षेत्र के लिए 20 रुपए निधारित की गई है। बीपीएल के अतिरिक्त परिवार/ व्यक्तियों के लिए दरें दुगुनी होंगी। नियमन की राशि एक मुश्त जमा करवानी होगी। कच्ची बस्ती में जारी किए जाने वाले पट्टे 99 वर्ष की लीज के आधार पर जारी किए जाएंगे। इन पट्टों पर नियमन की राशि व 1 प्रतिशत लीज राशि एक मुश्त वसूल करते हुए पट्टे जारी किए जाएंगे।
शहर में 48 कच्ची बस्तियां
शहर में 48 अधिसूचित कच्ची बस्तियां है। यह एडीए से नगर निगम को हस्तांतरित की जानी है। एडीए के पास कच्ची बस्ती के नियमन से सम्बन्धित 389 आवेदन पहले से लम्बित हैं। वहीं शहर की 40 प्रतिशत कच्ची बस्तियां वनभूमि पर बसी हुई है। इनमे अधिकतर क्षेत्र शास्त्री नगर, दरगाह क्षेत्र आदि है।